
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की तुरंत सहायता करने और उनकी कीमती जान बचाने के उद्देश्य से राह-वीर योजना चलाई जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सड़क हादसों के पीड़ितों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि दुर्घटना के बाद घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके।

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने में मदद करने वाले पात्र व्यक्ति को 25,000 रुपए की नकद पुरस्कार राशि और प्रशंसा पत्र दिया जा सकता है। यह पुरस्कार योजना के तहत निर्धारित पात्रता शर्तों और नियमों को पूरा करने पर प्रदान किया जाता है। आम जनता से अपील की गई है कि यदि वे किसी सड़क दुर्घटना को होते हुए देखते हैं, तो बिना किसी डर या झिझक के घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं। साथ ही, तुरंत एंबुलेंस या अन्य आपातकालीन सेवाओं को सूचित करें, ताकि घायल को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जा सके।
उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे ‘गोल्डन आवर’ कहा जाता है, घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस दौरान मिलने वाली त्वरित चिकित्सा सहायता से मृत्यु के खतरे को कम किया जा सकता है। इसलिए दुर्घटना के समय लोगों की तत्परता और संवेदनशीलता किसी की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है। लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार, नेकनीयती से सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने वाले व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा की जाती है। उन्हें अनावश्यक कानूनी परेशानियों से बचाने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं, ताकि लोग बिना किसी आशंका के जरूरतमंदों की सहायता कर सकें। आरटीओ अमनदीप कौर घुम्मण ने सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे मानवता के नाते सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों की मदद करें, कीमती जानें बचाने में योगदान दें और राह-वीर बनकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।











