
कर्नाटक (द स्टैलर न्यूज़)। कर्नाटक के कोलार से डॉक्टरों की लापरवाही का एक और नमूना तब सामने आया जब डिलीवरी के बाद स्टाफ नर्स ने महिला के शरीर में 3 फीट लंबा कपड़ा छोड़ दिया। असहनीय दर्द होने पर जब वह इलाज के लिए एक प्राइवेट अस्पताल में गई तो अल्ट्रासाउंड से पता चला कि उसके शरीर में कपड़ा हैं। महिला के प्राइवेट पार्ट में भी कपड़ा चिपका हुआ था, जिससे उसे असहनीय दर्द हो रहा था। महिला के पति ने हंगामा करते हुए सरकारी अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया। सिविल सर्जन डा. एसएन विजय कुमार को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई है।

राजेश ने डॉक्टर को बताया कि चंद्रिका की डिलीवरी सरकारी एसएनआर अस्पताल में हुई थी। इसकी जानकारी होने पर निजी अस्पताल के डॉक्टर ने ऑपरेशन कर कपड़ा हटा दिया, लेकिन राजेश सरकारी अस्पताल पहुंच गया और वहां मौजूद स्टाफ पर आरोप लगा दिया। जांच में पाया गया कि स्टाफ नर्स ने लापरवाही कारण यह घटना घटी हैं। राजेश ने बताया कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने चीरा लगाने के बाद ब्लीडिंग को रोकने के लिए चंद्रिका के प्राइवेट पार्ट में दवाई लगाई थी, लेकिन जिस कपड़े से क्लीनिंग की और दवाई लगाई, उसे वहीं छोड़ दिया। डॉक्टरों ने टांके हटाते समय इसे हटाने की सलाह दी थी लेकिन स्टाफ नर्स ने इस पर ध्यान नहीं दिया। राजेश ने शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की हैं।












