
मध्यप्रदेश (द स्टैलर न्यूज़)। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमथ ने अपने विदाई भाषण में कहा कि ‘मेरे बहुत सारे दुश्मन हैं और मुझे इस पर गर्व है’। मैं संविधान के लिए जवाब देता हूं, किसी अन्य व्यक्ति के लिए नहीं। उनका निशाना उन लोगों पर था जो उनके करियर को नाकारात्मक रूप से प्रभावित करने की कोशिश में कई महीने और साल बिताए। उन्होंने कहा कि वे बुरी तरह विफल रहे हैं, क्योंकि मैंने वह काम किया है जो देश में कोई अन्य मुख्य न्यायाधीश या न्यायाधीश नहीं कर पाया है।

वे कभी भी मेरी उपलब्धियों का मुकाबला नहीं कर पाएंगे, चाहे वे कितनी भी कोशिश कर लें। उन्होंने कहा कि इस समय बहुत कुछ कह सकता हूं, मैं नाम दे सकता हूं और इसे टैब्लॉयड के लिए ध्यान का केंद्र बना सकता हूं। मुझे यकीन हैं कि मेरे आलोचक भी चिंतित हैं और बहुत घबराहट के साथ देख रहे हैं कि मैं अपनी विदाई पर क्या कह सकता हूं।
हालांकि, नैतिक रूप से दिवालिया, बेईमान और पतित चर्चा के लायक नहीं हैं। वे निश्चित रूप से मेरे समय के लायक नहीं हैं। मैं संविधान की सेवा करना चुनता हूं। मैं अपनी कीमत पर भी सही काम करना चुनता हूं, क्योंकि एक न्यायाधीश से यही अपेक्षा की जाती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने उन 9 या 90 लोगों के बजाय मध्य प्रदेश के 9 करोड़ लोगों की सेवा करना चुना, जो अपने फायदे के लिए न्यायालय का उपयोग करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें उच्च न्यायालय में लाए गए बदलावों पर विशेष रूप से गर्व है।












