
हमीरपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट-रजनीश शर्मा। भारत अपनी विविधताओं में अद्वितीय है और “अनेकता में एकता” का सबसे सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है। यह केवल विभिन्न धर्मों, परंपराओं और संस्कृतियों का संगम ही नहीं, बल्कि असंख्य भाषाओं के सह-अस्तित्व और सौहार्द का प्रतीक भी है। भारतीय भाषाओं में मौजूद साझे भाषाई गुण और उनका आपसी सामंजस्य देश की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रकट करते हुए उसकी एकता को उजागर करते हैं। इसी भावना को केंद्र में रखते हुए, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी में “भाषाओं के माध्यम से एकता” थीम पर आधारित साप्ताहिक भाषा उत्सव का आयोजन क्लस्टर स्तर किया गया। यह उत्सव 11 दिसंबर, 2024 को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। सप्ताहभर चले इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भारतीय भाषाओं की समृद्ध विरासत और उनकी विविधता से परिचित कराना था। समापन समारोह में प्राथमिक कक्षाओं तीसरी आठवीं कक्षा के छात्रों ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों ने हिंदी, मराठी कविता पाठ, पंजाबी, राजस्थानी, हरियाणवी नृत्य और नाटकों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विद्यालय के प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने भारतीय भाषाओं की समृद्ध विरासत और उनके महत्व पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्य ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे उत्सव हमारी सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को समझने और सम्मानित करने का अनूठा अवसर प्रदान करते हैं। विद्यालय लंबे समय से “एक भारत श्रेष्ठ भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत अपने जोड़ी राज्य केरल के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान कर रहा है। इस पहल के तहत छात्र और शिक्षक केरल की भाषा, भोजन, पहनावे और संस्कृति के करीब आए हैं। इस कार्यक्रम ने दोनों राज्यों के बीच एक गहरी सांस्कृतिक समझ विकसित की है।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा, “हमारी भाषाई विविधता हमारी ताकत है। यह हमें सहिष्णुता, समझ और एकता का संदेश देती है। इस प्रकार के आयोजन छात्रों में न केवल भाषाई कौशल और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देते हैं, बल्कि उनमें राष्ट्रीय गौरव और एकता की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।” समापन समारोह में केंद्रीय मुख्य शिक्षक श्री विजय कुमार, शिक्षकगण लीना, कृष्ण चंद, सतीश, सुनीता, कुसुम लता, कविता, राजेश, सुरेश, रवि, मनोज, अदिति, साक्षी, रिया, अंजलि, दीक्षा और मनीष सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने छात्रों के प्रयासों और प्रतिभा की सराहना की।साप्ताहिक भाषा उत्सव के आयोजन से छात्रों को न केवल भारतीय भाषाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी, बल्कि उनमें सहिष्णुता और समर्पण की भावना भी विकसित हुई। ऐसे आयोजन भारत की “अनेकता में एकता” की परंपरा को सजीव रखने और नई पीढ़ी को इस परंपरा को आगे ले जाने के लिए प्रेरित करते हैं। टौणी देवी विद्यालय का यह उत्सव न केवल छात्रों बल्कि सभी उपस्थित लोगों के लिए एक प्रेरणादायक अनुभव साबित हुआ।












