
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में पावरकॉम कर्मचारी यूनियन द्वारा अपने लेटर पैड पर आम आदमी पार्टी सरकार पर पावरकॉम कर्मियों से जबरन चंदा बसूलने के जो आरोप लगाए गए हैं, वह अति गंभीर हैं। इन आरोपों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी नेताओं ने सरकारी कर्मचारियों को पार्टी फण्ड के नाम पर बड़ी-बड़ी रकमे देने के लिए दबाव डाला था। जिस की सुगबुआहट अंदरखाते चल रही थी परन्तु सरकार के डर के मारे कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा था।

होशियारपुर पॉवरकॉम के एक अतरिक्त चीफ इंजीनियर व लाईन मैन को 50 हजार रुपए रिश्वत लेने के लिए में पकड़ा गया तब भी कर्मचारियों ने जबरी पार्टी फण्ड लेने के आरोप लगाए थे। वैसे भी इस केस में किसी अन्य कर्मचारी को उस पद पर बैठाने के लिए यह नाटक रचा गया था जो अपने आप में घोटाले कम नहीं। श्री सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार खत्म करने के सभी दावे खोखले साबित हुए हैं, सबसे पहले मुख्यमंत्री ने स्वयं अपने ही मंत्री विजय सिंगला पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर उन्हें मंत्रिमडल से एक तरफ कर दिया, परन्तु पार्टी व सरकार में उसकी स्थिति जैसे की तैसे ही बनी हुई हैं। उसके बाद भी आम आदमी पार्टी के कई नेताओं पर भ्र्ष्टाचार के आरोप लगे तथा अन्य पार्टियों के भी कई मंत्रियों और विधायकों पर भी भ्रष्टाचार विरोधी केस दर्ज करके मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पुरे देश में वाहवाही लूटने की कोशिश कि परन्तु सरकार की कमजोर पकड़ के कारण एक-एक करके सभी केसो के अपराधी अदालतों से छूट रहे हैं।
हाल ही में भगवंत मान द्वारा जनता के लिए जो मोबाइल तथा वाट्सएप्प नंबर भ्रष्टाचारीओं को पकड़ने के लिए जारी किया था खबर हैं कि वह भी काम नहीं कर रहा। आम आदमी पार्टी दिल्ली में भी एक्साइज घोटाला, शीश महिल घोटाला, जल सप्लाई बोर्ड घोटाला आदि बड़े-बड़े स्कैण्डलों में लिप्त नजर आ रही हैं। पंजाब में दिल्ली चुनावों के लिए सरकारी कर्मचारिओं के माध्यम से बड़े-बड़े फण्ड इकठे करना केवल निंदनीय ही नहीं परन्तु चौकाने वाला गंभीर मामला हैं, उन्होंने कहा कि इससे सम्बन्धित केसों की पंजाब बिजलेंस विभाग के माध्यम से जाँच करवाना न्यायसंगत नहीं होगा क्योंकि सरकार की पार्टी स्वयं एक पक्ष हैं। इस लिए इस सारे मामले की जांच सी.बी.आई, ईडी या सीवीसी के माध्यम से करवाई जानी चाहिए ताकि दूध का दूध, पानी का पानी सामने आये।











