
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। आयूर जीवन आयुर्वेदिक रिसर्च सेंटर द्वारा पिछले काफी समय से गांवों, शहरों और कस्बों में नशों के कारण मौत के मुंह में जा रहे नौजवानों को नशों से छुटकारा दिलाने के लिए मुफ्त नशा छुड़ाओ कैंप लगाये जा रहे हैं। इसी कड़ी में बस स्टैंड के सामने अड्डा चब्बेवाल में मुफ्त नशा छुड़ाओ कैंप लगाकर नशों के जाल में फंसे हुए नौजवानों को जागरूक किया गया। इस संबंध में आयूर जीवन आयुर्वेदिक रिसर्च सेंटर के एम.डी. और दल खालसा के जिला प्रधान बलजिंदर सिंह खालसा ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि आजादी मिलने से पहले हर भारतीय का सपना था कि भारत गुलामी की जंजीरों से मुक्त हो। पंजाब की जवानी ने आजादी के महान संघर्ष में विशेष भूमिका निभाई और शहीद ऊधम सिंह, शहीद भगत सिंह, शहीद मदन लाल ढींगरा, शहीद करतार सिंह सराभा और शहीद सुखदेव जैसे अनगिनत बहादुरों ने भारत के लिए खुशी-खुशी अपनी जानें कुर्बान कीं। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी को 75 साल से अधिक का समय बीत चुका है और आजादी के इस सुनहरे दौर में नशा मुक्त पंजाब प्राप्त करना हर पंजाबी का सपना है परंतु अभी तक पंजाब नशा मुक्त नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि पंजाब गुरुओं, पीरों और योद्धाओं की धरती है और भारत का इतिहास इस बात का गवाह है कि पंजाब ने हमेशा भारत की हर प्रकार से रक्षा की है।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब पंजाब की धरती से अधिक से अधिक नौजवान भारतीय फौज में भर्ती होकर देश की सेवा में अपना योगदान देते थे। पर विदेशी ताकतों को यह बात स्वीकार नहीं थी क्योंकि वे पंजाब के नौजवानों की बहादुरी को कमज़ोर करने में पूरी तरह असमर्थ थीं, इसलिए पंजाब की जवानी को कमजोर करने के लिए दुश्मनों ने पंजाब की जवानी को नशों के जहर से तबाह करने की साजिश रची और इस साजिश के कारण हर रोज पंजाब के कई नौजवान मरते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी नौजवान की नशे के कारण मौत हो जाती है तो यह वास्तव में सोची-समझी साजिश के तहत उस नौजवान की हत्या होती है। इस मौके पर अन्य लोगों के अलावा डॉ. रजनीश, तजिंदर सिंह, पावला, मुकेश राणा, जगदीश राणा और करमवीर सिंह आदि उपस्थित थे।












