
अमृतसर (द स्टैलर न्यूज़)। भाजपा पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने एक प्रैस विज्ञप्ति में कहा कि पंजाब में हजारों कर्मचारी ऐसे हैं जो पिछले पंद्रह वर्षों से भी ज्यादा समय से ठेके की नौकरी कर रहे हैं। न उन्हें छुट्टी मिलती है, न ही कोई सेवा लाभ। दुखद पक्ष तो यह है कि वे बीमार हो जाएं, कोई दुर्घटनाएं हो जाए या घर में किसी की मौत हो जाए तब भी उन्हें अवकाश नहीं मिलता।

वेतन काट लिया जाता है। मेरा पंजाब सरकार से अनुरोध है कि यह याद रखें कि इन सी और डी कैटेगरी के सभी कर्मचारियों को नियमित करने के लिए जो कैबिनेट का फैसला हो चुका है, जिसकी घोषणा पंजाब सरकार कर चुकी है उसे लागू करने की भी बजट सेशन में ही घोषणा कर दें, जिससे हजारों शोषित, पीड़ित कर्मचारियों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी। यह ठीक है कि ठेके पर नौकरी देने का गैरइंसानी काम कैप्टन अमरिंदर सिंह के समय से शुरू हुआ था और बाद की सरकारों ने भी इसे चलाए रखा। उम्मीद रखती हूं कि आप की सरकार इस काले कानून को बदलेगी और ठेके पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को रेगुलर करेगी।











