
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- गुरजीत सोनू। सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल अज्जोवाल में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के शहीदी दिवस के संबंध में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद सुकृति कश्यप ने कहा कि भगत सिंह देश के तमाम युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत हैं। जिन्होंने हंसते-हंसते देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। भगत सिंह ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने फांसी से ठीक पहले भी इंकलाब जिंदाबाद का नारा लगाकर अंग्रेजों को चुनौती देने का काम किया था। भारत मां के इस वीर का जन्म एक सिख परिवार में हुआ था। उनके दुनिया में आने से पहले भारत पर अंग्रेज सरकार का शासन था।उनके पिता जेल में थे तथा चाचा लगातार अंग्रेजो के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे।

जैसे-जैसे भगत सिंह ने होश संभाला उनके अंदर देशभक्ति का जुनून भी जाग रहा था। भगत सिंह के सीने में अंग्रेजो के खिलाफ आग इतनी ज्यादा थी कि वह किसी भी हाल में देश को आजाद करवाना चाहते थे। भगत सिंह के जोश और उनकी ताकत को देखकर अंग्रेज खौफ में आ गए थे | बम कांड के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन भगत सिंह जेल में भी आजादी की लड़ाई लड़ते रहे। उन्होंने भारतीय कैदियों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ करीब 116 दिनों की भूख हड़ताल जेल में की थी। उनको फांसी देने के लिए 24 मार्च 1931 की तारीख निश्चित की गई, लेकिन इसके विरोध में पूरे देश में प्रदर्शन शुरू हो गए। जिससे ब्रिटिश सरकार डर गई और उन्होंने किसी को बताए बिना 1 दिन पहले ही उन्हें फांसी दे दी। उन्होंने कहा कि भगत सिंह ने जो आजादी हमें लेकर दी उसे बनाए रखना तथा देश में आपसी शांति का माहौल बनाए रखना अब हमारी जिम्मेदारी है। इस मौके पर स्कूल इंचार्ज परमजीत सिंह, उपेंद्र सिंह,नरेश दत्त, सीमा हांडा,किशोर लाल ,हरमीत कौर,संगीता सैनी,मोनिका,अंजू,काजल, कुलजीत कौर,रंजीत कौर,मनजीत कौर,मनीषा सैनी, आदि भी उपस्थित थें।












