
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी एवं एलीमेंट्री शिक्षा) ललिता अरोड़ा ने आज मिनी सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में जिले के सभी ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारियों, ब्लॉक नोडल अधिकारियों और जिला स्मार्ट क्लासरूम कोऑर्डिनेटर प्रिंसिपल जितेंद्र सिंह के साथ एक विशेष बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मिनिमम स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैंडर्ड को लेकर चर्चा करना और नाबार्ड के तहत स्कूलों को दी गई राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करना था। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी ललिता अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि जिले में कोई भी स्कूल चारदीवारी के बिना नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना विभाग की प्राथमिकता है और इसके तहत सभी स्कूलों में पर्याप्त फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा ताकि बच्चों को बैठने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हर स्कूल में स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की जाए और इसे लेकर किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ब्लॉक नोडल अधिकारियों को हिदायत दी कि नाबार्ड के तहत दी गई राशि का समय पर और सही उपयोग किया जाए ताकि स्कूलों की आधारभूत संरचना में सुधार लाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे स्कूलों की जरूरतों का आकलन कर जल्द से जल्द कार्य पूरा करें ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक माहौल मिल सके।


इस बैठक में ब्लॉक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी अमनिंदर सिंह ढिल्लों, श्रुति लाल, चरणजीत सिंह, राजकुमार, जसविंदर बंसल, सहायक स्मार्ट स्कूल कोऑर्डिनेटर सतीश कुमार शर्मा, कोऑर्डिनेटर रजनीश कुमार गुलियानी, ओंकार सिंह सूश, जसवीर सिंह, एपीसी जनरल निर्मल और एपीसी फाइनेंस कंचन सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्कूलों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार को लेकर अपने सुझाव भी दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे स्कूलों में समय-समय पर निरीक्षण करें और यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित मानकों के अनुसार सभी कार्य पूरे किए जा रहे हैं। बैठक के अंत में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर आधारभूत सुविधाएं देना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे इस दिशा में पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करें ताकि जिले के सभी स्कूल आदर्श विद्यालय बन सकें।












