
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सरकारी सीनियर सैकेंडरी स्कूल अज्जोवाल में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया। प्रिंसिपल अशोक कुमार की अध्यक्षता में करवाए गए कार्यक्रम के दौरान बच्चों को तंबाकू का सेवन न करने की शपथ दिलाई गई तथा पोस्टर मेकिंग मुकाबले करवाए गए। बच्चों को संबोधित करते मैडम सुकृति कश्यप ने कहा कि तंबाकू में निकोटिन समेत 60 तरह के विषैले पदार्थ होते हैं। बीड़ी, सिगरेट, गुटखा के माध्यम से यह खून में फेफड़ों तक पहुंचता है। इससे फेफड़ों की कोशिकाओं में ऑक्सीजन ग्रहण करने और कार्बन डाई ऑक्साइड छोड़ने की क्षमता कम होती जाती है।तंबाकू का सेवन करने वालों की संख्या भारत में बहुत ज्यादा है।

एक रिसर्च के मुताबिक भारत में हर 9वां व्यक्ति किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करता है। कई लोग तंबाकू को खाते हैं तो कई लोग स्मोकिंग करते हैं। तंबाकू कई प्रकार की लाइलाज बीमारियों और हमारी क्वालिटी ऑफ लाइफ को खराब करने के लिए बहुत घातक है। तंबाकू सेवन करने के कारण कई प्रकार के कैंसर और स्वास्थ्य समस्याएं आपको धीरे-धीरे जकड़ लेती हैं और आपको इसके बारे में पता भी नहीं चलता।इस मौके पर लेक्चरर संदीप कुमार सूद ने कहा कि तंबाकू का सेवन करने से कई गंभीर रोग पैदा होते है| उन्होंने कहा कि फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू को ही माना जाता है। फेफड़ों का कैंसर होने का खतरा सबसे ज्यादा उन लोगों को रहता है जो स्मोकिंग करते हैं।
तंबाकू का सेवन करने के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का जोखिम कई गुना तक बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त लिवर कैंसर के कारण भारत में हजारों लोग अपनी जान गंवाते हैं। लिवर में होने वाला संक्रमण व्यक्ति को किसी भी समय मौत के आगोश में सुला सकता है। कैंसर होने के बाद यह संक्रमण फैलने का खतरा सबसे ज्यादा हो जाता है। इसलिए तंबाकू का सेवन ना करें और लिवर कैंसर से बचे रहें। लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी खानपान पर विशेष ध्यान दें।मुंह के कैंसर से भारत में पुरुष के नहीं बल्कि महिलाएं भी जूझ रही हैं। इसके कारण आपके बोलने की क्षमता भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है। इस मौके पर अमरीक सिंह रजनीश किशोर लाल आदि की उपस्थिति थे।












