
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। योग भवन डेगाना रोड में मनाया जा रहा चार दिवसीय योगेश्वर स्वामी मुलख राज जन्म महोत्सव समारोह श्रद्धा पूर्वक संपन्न हो गया। अंतिम दिन हवन यज्ञ के उपरांत श्री योग महादिव्य रामायण का भोग डाला गया। इस उपरांत भक्तों का मार्गदर्शन करते हुए मुख्य आचार्य चंद्र मोहन जी ने कहा कि योगेश्वर स्वामी मुलखराज जी महाराज का जीवन हम सबके लिए प्रेरणादायक है। वह 21 वर्ष तक गुरु की तलाश में भटकते रहे। लेकिन एक बार जब सच्चे गुरु की प्राप्ति योगेश्वर प्रभु रामलाल जी के रूप में हुई तो उन्होंने फिर संसार में रहते हुए भी वैराग्य का जीवन व्यतीत किया। उन्होंने कहा कि 1952 में उन्होंने होशियारपुर में योग साधन आश्रम की स्थापना की।

सतगुरु देव चमन लाल जी महाराज ने उनके शिष्य के रूप में आश्रम को योग की कार्य स्थली बना दिया। यहां पर उसे दिन से लेकर आज तक लाखों लोग योग से लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि योगेश्वर स्वामी मुलख राज जी प्रभु भक्ति में आंखें बंद करके भी सांसारिक कार्य करते रहे क्योंकि उनके गुरु हमेशा उनके अंग संग रहते थे। हमें भी अपने गुरु पर अटूट विश्वास होना चाहिए। गुरु कभी भी अपने भगत को डोलने नहीं देते। कई बार वह उनसे अगर कोई कड़वी बात भी कह देते हैं तो वह शिष्य के हित में ही होती है। गुरु के प्रति हमारी श्रद्धा इतनी होनी चाहिए कि हमारे मुख से उनके लिए केवल महाराज शब्द ही निकले। बाकी तो उनके सांसारिक नाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस समारोह में भाग लेकर हमने यह संकल्प करना है कि हम उनके बताए रास्ते पर चलेंगे और निरंतर योग करते हुए अपने जीवन को सफल करेंगे। फोटो कैप्शन: हवन करते श्रद्धालु।












