
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। आज के भागदौड़ भरे आधुनिक युग में जहाँ तकनीक ने दूरियों को कम किया है, वहीं विडंबना यह है कि परिवारों के भीतर भावनात्मक दूरियां बढ़ती जा रही हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में, ‘न्याय चौपाल’ के तत्वावधान में “विवाद नहीं संवाद” विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय परिवार प्रबोधन गोष्ठी एक मील का पत्थर साबित हो रही है। इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य टूटने की कगार पर खड़े परिवारों को विधिक उलझनों से बचाकर आत्मीयता के धागे से पुन जोड़ना है। आत्मीय संवाद गोष्ठी का मूल मंत्र यह है कि “न्याय केवल अदालतों में नहीं, बल्कि आपसी समझ और संवाद में निहित है।” जब दो व्यक्तियों के बीच विचारों का मतभेद मनभेद में बदल जाता है, तो विवाद जन्म लेता है। राज्य स्तरीय गोष्ठी में विशेषज्ञ अधिवक्ता गोबिंद गोयल महामंत्री न्याय चौपाल ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकांश पारिवारिक विवाद केवल ‘अहं’ और ‘कम्युनिकेशन गैप’ के कारण होते हैं।

होशियारपुर में न्याय चौपाल विवाद नहीं संवाद विषय पर राज्य स्तरीय गोष्ठी
यदि परिवार के सदस्य आपस में बैठकर बात करें, तो जटिल से जटिल समस्याओं का समाधान संभव है।परिवार समाज की सबसे छोटी और सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। यदि परिवार बिखरता है, तो उसका प्रभाव बच्चों के भविष्य और समाज की स्थिरता पर पड़ता है। गोष्ठी में चर्चा के मुख्य बिंदु भी यही रहे।संस्कार और संस्कृति नई पीढ़ी को परिवार के महत्व और बुजुर्गों के अनुभव से जोड़ना।धैर्य और सहनशीलता आधुनिक जीवनशैली में खोते हुए धैर्य को पुन जागृत करना।
विधिक साक्षरता लोगों को यह समझाना कि कोर्ट-कचहरी अंतिम विकल्प होना चाहिए, न कि पहला।
न्याय चौपाल की कार्यप्रणाली
न्याय चौपाल का मॉडल ‘मध्यस्थता’ पर आधारित है। यहाँ दोनों पक्षों की बात को शांतिपूर्ण वातावरण में सुना जाता है। बिना किसी दबाव के दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर।परामर्श मनोवैज्ञानिकों और अनुभवी समाजसेवियों द्वारा मार्गदर्शन द्वारा समाधान कानूनी दांव-पेंच के बजाय (दोनों की जीत) की स्थिति पर ध्यान।
राज्य स्तरीय गोष्ठी का यह संदेश स्पष्ट है कि “घर टूटने के लिए नहीं, बसने के लिए होते हैं।” ‘न्याय चौपाल’ के माध्यम से परिवार प्रबोधन का यह अभियान न केवल मुकदमों के बोझ को कम करेगा, बल्कि एक स्वस्थ और सुखी राष्ट्र के निर्माण में भी योगदान देगा। हमें यह याद रखना होगा कि न्याय की जीत तब नहीं होती जब कोई हारता है, बल्कि तब होती है जब कोई रिश्ता बच जाता है।
“संवाद से समाधान तक, न्याय चौपाल आपके साथ।”गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य यही रहा। परिवार प्रबोधन प्रमुख श्रीमान विजय आनंद जी ने बताया की आने वाले समय में शेष जिलों की बैठक भी इसी संदर्भ में की जाएगी ताकि जो आज लाखों केस जैसा कि गोविंद कुमार जी ने बताया है वह कोर्ट कचैरियों में लंबित पड़े हुए हैं और प्रत्येक दिन यह संख्या बढ़ती ही जा रही है इस कम करने के लिए परिवार प्रबोधन का प्रत्येक कार्यकर्ता पूरी तनमयता से लगेगा । मातृशक्ति का पूर्ण सहयोग लिया जा रहा है जैसा कि इस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में मातृ शक्ति ने भाग लेकर अपने सहयोग की सहमति प्रदान की । सरकार की तरफ से भी केंद्र चल रहे हैं उनकी भी सहायता की जाएगी । श्री गोविंद गोपाल जी को परिवार प्रबोधन के द्वारा बौद्धिक पुस्तिका तथा ज्ञानवर्धक लूडो भेंट करके उन्हें सम्मानित किया गया । श्री मान गौरव गर्ग जी तथा श्री अवतार कंग जी Retired Aetc ने परिवार प्रबोधन की तरफ से शुरू किए गए इस अभियान में प्रमुख प्रमुख लोगों का स्वागत करते हुए उन्हें परिवार प्रबोधन के साथ जुड़ने का आग्रह भी किया।
इस अवसर पर रोहित चोपड़ा जी को होशियारपुर नगर की जिम्मेदारी भी दी गई । प्रसिद्ध समाजसेवी श्रीमान अशोक चोपड़ा जी ने इस कार्यक्रम को बहुत ही महत्वपूर्ण बताया और इसे जन-जन तक पहुंचाने का आग्रह भी किया । अवतार सिंह कंग जी ने पूरी शक्ति से समाज के इस दुख को दूर करने के लिए प्रयत्न करने का आश्वासन दिया ।पंजाब के आठ जिलों से परिवार प्रबोधन के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने और अधिवक्ताओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया । श्रीमान गौरव गर्ग जी को इस कार्यक्रम के पंजाब का प्रमुख भी बनाया गया । श्री शिव सूद श्रीमती मीनाक्षी खन्ना श्रीमती निधि गर्ग श्री केवल शर्मा श्री रविन्द्र महाजन श्री सुमित सूरी श्री अतुल मल्होत्रा एवं बढ़ी संख्या में नागरिकों ने इस गोष्ठी में भाग लिया ।











