Saturday, October 31, 2026
Home Hoshiarpur पंजाब के स्कूलों का होगा कायाकल्प: ‘स्कूल क्वालिटी चैंपियन-2026’ अभियान शुरू, SMC तय करेगी शिक्षा...

पंजाब के स्कूलों का होगा कायाकल्प: ‘स्कूल क्वालिटी चैंपियन-2026’ अभियान शुरू, SMC तय करेगी शिक्षा का स्तर

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। पंजाब सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने के लिए एक महत्वाकांक्षी राज्यव्यापी मुहिम ‘पंजाब स्कूल क्वालिटी चैंपियन-2026’ का शंखनाद कर दिया है । मुख्यमंत्री की ‘शिक्षा क्रांति’ पहल के तहत अब स्कूलों में केवल विकास कार्य नहीं होंगे, बल्कि उनकी गुणवत्ता की जवाबदेही भी तय की जाएगी ।

Advertisements

SMC के हाथों में होगी कमान

शिक्षा विभाग (एलीमेंट्री) द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, इस पूरे अभियान की बागडोर स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों (SMC) के हाथों में सौंपी गई है । विभाग का मानना है कि जब माता-पिता और स्थानीय समुदाय स्कूल के रखरखाव में शामिल होंगे, तभी पारदर्शिता और सुधार सुनिश्चित हो पाएगा ।

10 मार्च तक चलेगा सघन चेकिंग अभियान

यह अभियान 27 फरवरी 2026 से शुरू होकर 10 मार्च 2026 तक चलेगा । इस दौरान प्रत्येक सरकारी स्कूल में SMC की विशेष बैठक आयोजित की जाएगी । बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल होंगे:

· इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट: स्कूल की चारदीवारी, पीने के साफ पानी की व्यवस्था, टॉयलेट्स की स्थिति और क्लासरूम में डेस्क की उपलब्धता की जांच ।

· विद्यार्थियों से सीधा संवाद: कमेटियां छात्रों से बात कर सुविधाओं की जमीनी हकीकत और उपयोगिता का पता लगाएंगी ।

·         डिजिटल रिपोर्टिंग: निरीक्षण के तुरंत बाद, कमेटी का एक डिजिटल साक्षर सदस्य स्कूल स्टाफ के साथ मिलकर मौके की तस्वीरें और डेटा निर्धारित गूगल फॉर्म पर अपलोड करेगा ।

बेहतरीन काम करने वाले स्कूल बनेंगे ‘रोल मॉडल’

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक निरीक्षण नहीं बल्कि सुधार की योजना है । हर ब्लॉक से दो सबसे बेहतरीन काम करने वाली SMC की पहचान की जाएगी, जिन्होंने स्कूल के बुनियादी ढांचे को बनाए रखने में असाधारण योगदान दिया हो । ऐसे स्कूलों और कमेटियों को जिला और राज्य स्तर पर ‘मॉडल प्रैक्टिस’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा ।

अधिकारियों को फील्ड में उतरने के आदेश

प्रोग्राम की गंभीरता को देखते हुए, सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) और ब्लॉक नोडल अधिकारियों को खुद फील्ड विजिट करने और बैठकों की निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं । पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी अनिवार्य की गई है ।

डारेक्टर स्कूल एजुकेशन (एलीमेंट्री) हरकीरत कौर चाने (PCS) ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि इस समय-बद्ध प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here