
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। अब खाद्या लाइसेंस का बार-बार नवीनीकरण नहीं कराना होगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफ.एस.एस.ए.आई.) ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। पहले पंजीकरण प्रमाण पत्र और लाइसेंस एक साल से लेकर पांच साल तक के लिए जारी किए जाते थे और समय-समय पर इनका नवीनीकरण कराना पड़ता था।

एफ.एस.एस.ए.आई. अधिकारियों ने बताया कि यह कदम कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे सुधारों को हिस्सा है। इन सुधारों में खान-पान से जुड़े कारोबार के लिए टर्नओवर की सीमा को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये करना भी शामिल है। यह नियम एक अप्रैल, 2026 से लागू होगा। इसके अलाबा नगर निगमों में पंजीकृत पटरियों पर खाने-पीने का कारोबार करने वाले लोगों को एफ.एस.एस.ए.आई. के साथ भी पंजीकृत माना जायेगा। इस कदम से 10 लाख से अधिक स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को लाभ होगा, क्योंकि उन्हे कई विभागों में पंजीकरण की जरुरत नहीं होगी।
इस अवसर पर रमन कपूर ने कहा कि व्यपारियों की यह लम्बे समय से मांग चल रही थी इससे कैमिस्ट एण्ड ड्रगिस्ट तथा खाने पीने तथा एफ.एम.सी.जी. का थोक तथा परचून का व्यपार करने वालो लाखों व्यपारियों को लाभ होगा। डी.सी.ए. के प्रधान रमन कपूर ने कहा कि जिला कैमिस्ट एसोसिएश इस फैसले का स्वागत करती है। उन्होने कहा कि पहले व्यपारियों को लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए हर साल बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अब उन्हें इससे राहत मिलेगी।











