
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। नेपाल में बालेन शाह की सरकार बनते ही कई अहम फैसले लिए गए है। विभिन्न क्षेत्रों में सुधार की पहल चल रही है। प्रधानमंत्री शाह ने निजी स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। यह खबर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस समय वायरल हो रही चर्चाओं के आधार पर रिपोर्ट की जा रही है। यह दावा कि अब सभी बच्चों को सरकारी स्कूलों में ही जाना अनिवार्य होगा, पूरी तरह से सही नहीं है; बल्कि, यह रिपोर्ट सोशल मीडिया के दायरे में चल रही चर्चाओं के आधार पर प्रस्तुत की जा रही है।

बता दें कि बालेन शाह के पीएम बनने के बाद सरकार ने वास्तव में कुछ बड़े निर्णय लिए हैं और उसे लागू भी किए हैं—जैसे कि छात्र राजनीति पर प्रतिबंध लगाना, 5वीं कक्षा तक की परीक्षाओं को समाप्त करना और कोचिंग सेंटरों को बंद करना—जिनका मुख्य उद्देश्य 5वीं कक्षा तक की परीक्षाओं को खत्म करना और सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार करना है। स्कूलों और कॉलेजों में छात्र संगठनों की गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कक्षा 5 तक की पारंपरिक परीक्षाओं को समाप्त कर दिया गया है। सरकार ने 15 दिनों के भीतर सभी कोचिंग सेंटर बंद करने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर प्राइवेट स्कूल बंद होने की खबर पूरी तरह सही नहीं है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाना है।












