Saturday, October 3, 2026
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संघर्ष से सफलता तकः घरों में बर्तन मांजने वाली कलिता माझी बनी विधायक

पश्चिम बंगाल (द स्टैलर न्यूज़)। जिस महिला के हाथ कभी दूसरों के घरों के बर्तन मांजने का काम करते थे, आज वही हाथ जीत का परचम लहरा रहे हैं। पश्चिम बंगाल के औसग्राम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार कलिता माझी ने यह साबित कर दिया कि सपने गरीबी नहीं, हौसले तय करते हैं। चार घरों में घरेलू काम कर महज 2,500 रुपये महीने कमाने वाली कलिता माझी ने चुनावी मैदान में बड़ी राजनीतिक ताकतों को चुनौती देते हुए जीत हासिल कर ली। उनकी यह जीत सिर्फ एक उम्मीदवार की जीत नहीं, बल्कि उन लाखों आम लोगों की उम्मीद है, जो संघर्षों के बीच भी बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। भाजपा की कलिता माझी ने, तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्न लोहार को हराकर औसग्राम (SC) विधानसभा क्षेत्र संख्या 273 में जीत हासिल की है। कलिता माझी ने श्यामा प्रसन्न को 12,535 वोटों के अंतर से हराया। कलिता माझी को कुल 107692 वोट मिले, जबकि श्यामा प्रसन्न को 95157 वोटों से ही संतुष्ट करना पड़ा। इसके अलावा सीपीआई (एम) के चंचल कुमार माझी को 16478, कांग्रेस के तापस बराल को 2082 और निर्दलीय उम्मीदवार निहार कुमार हाजरा को महज 994 वोट ही मिल सके।

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भाजपा सांसद पी. सी. मोहन ने ‘एक्स’ पर लिखा, “भाजपा बंगाल की उम्मीदवार कलिता माझी, जो 4 घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं और महीने के ₹2,500 कमाती हैं, ने औसग्राम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। यही भाजपा की ताकत है, जहां एक आम नागरिक भी आगे बढ़ सकता है और एक सचमुच प्रेरणादायक कहानी लिख सकता है।” औसग्राम सीट से भाजपा उम्मीदवार कलिता माझी (Kalita Majhi) की जीत ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में आम आदमी की ताकत क्या होती है। चार घरों में घरेलू काम करके हर महीने महज 2,500 रुपये कमाने वाली कलिता माझी का सफर आसान नहीं रहा। रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने कभी यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन वे विधानसभा तक पहुंचेंगी। लेकिन यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है, जहां जमीन से जुड़ा एक साधारण नागरिक भी अपनी मेहनत और हौसले के दम पर इतिहास रच सकता है।

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