
दिल्ली (द स्टैलर न्यूज़)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में आयोजित एक समारोह में सिक्किम पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस ध्वज’ प्रदान किया। सिक्किम यह पुरस्कार प्राप्त करने वाला देश का 15वां राज्य और पूर्वोत्तर का तीसरा राज्य बन गया है। ‘राष्ट्रपति पुलिस ध्वज’ को ‘निशान’ के नाम से भी जाना जाता है। यह भारत में किसी राज्य या केंद्रीय पुलिस बल को असाधारण सेवा, वीरता और व्यावसायिकता के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च औपचारिक सम्मान है।

‘राष्ट्रपति पुलिस ध्वज’ से सम्मानित राज्य पुलिस के अधिकारियों को वर्दी पर एक विशेष प्रतीक चिन्ह धारण करने का अधिकार प्राप्त होता है। इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा, “मुझे सिक्किम पुलिस को ‘विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक’ प्रदान करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। यह सम्मान सिक्किम पुलिस के सभी सदस्यों के लिए गर्व का विषय है।” उन्होंने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के प्रति समर्पित रहने के लिए सिक्किम पुलिस की प्रशंसा की।
सिक्किम पुलिस की स्थापना 1897 में हुई थी। राष्ट्रपति ने कहा कि पुलिस का स्वरूप औपनिवेशिक रहा है क्योंकि इसे लोगों की सेवा करने के बजाय उन्हें नियंत्रित करने के लिए बनाया गया था। उन्होंने कहा कि इस मानसिकता में बदलाव आना चाहिए और पुलिस को नागरिकों का सहयोगी और मार्गदर्शक बनना चाहिए। मुर्मू ने कहा, “अब साइबर अपराध, ऑनलाइन धोखाधड़ी, ‘हैकिंग और डीपफेक’ जैसी नयी चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन नयी चुनौतियों से निपटने के लिए पुलिस को नवीनतम तकनीक, साइबर सुरक्षा और डिजिटल जांच में निपुण होना होगा।”












