
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान (डीजेजेएस) द्वारा गौतम नगर आश्रम, होशियारपुर में एक विशाल साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक सभा को संबोधित करते हुए सर्व श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी पूनम भारती जी ने मानव जीवन में पूर्ण सतगुरु के महत्व और उनके द्वारा प्रदान किए गए मार्गदर्शन पर गहराई से प्रकाश डाला। उन्होंने ऐतिहासिक दृष्टांतों का हवाला देते हुए बताया कि कैसे महान योद्धाओं और विचारकों का जीवन भी एक सच्चे गुरु के बिना अधूरा था। उदाहरण स्वरूप, जिस प्रकार असीम शक्तियों और शास्त्र ज्ञान के बावजूद अर्जुन का रथ रणभूमि में कुरुक्षेत्र के बीच दिशाहीन हो गया था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें ‘ब्रह्मज्ञान’ प्रदान कर उनके भीतर की चेतना को जागृत किया। इसी प्रकार, स्वामी विवेकानंद को अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य और आध्यात्मिक शांति परमहंस रामकृष्ण जी की कृपा से ही प्राप्त हुई थी। साध्वी जी ने स्पष्ट किया कि गुरु केवल एक लौकिक मार्गदर्शक नहीं है, बल्कि वह प्रकाश-स्तम्भ है जो अज्ञानता के गहन अंधकार में फंसे शिष्य के भीतर ईश्वरीय प्रकाश प्रज्वलित कर उसे आध्यात्मिकता के मार्ग पर अग्रसर करता है।

वर्तमान परिदृश्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए साध्वी जी ने कहा कि आज का समाज अवसाद, नशाखोरी, कन्या भ्रूण हत्या और पर्यावरण विनाश जैसी भयंकर समस्याओं से जूझ रहा है। इसका मूल कारण मनुष्य का अपने वास्तविक और ईश्वरीय स्वरूप से भटक जाना है। भौतिकता की अंधी दौड़ में मनुष्य ने अपनी आंतरिक शांति खो दी है। इन सभी आधुनिक व्याधियों का एकमात्र अचूक समाधान ‘ब्रह्मज्ञान’ के माध्यम से होने वाला आंतरिक रूपांतरण है। जब एक पूर्ण सतगुरु की कृपा से मनुष्य की मानसिकता जागृत होती है, तभी वह एक सार्थक, अनुशासित और समाज के प्रति उत्तरदायी जीवन जी सकता है। संस्थान के संस्थापक एवं संचालक सर्व श्री आशुतोष महाराज जी समाज को इसी ईश्वरीय ज्ञान की दीक्षा देकर एक स्वस्थ और मूल्य-आधारित विश्व के निर्माण का महान कार्य कर रहे हैं। सत्संग के अंत में गाये गए सुमधुर और प्रेरणादायक भजनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को पूर्ण रूप से भाव-विभोर कर दिया।












