
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। श्री आत्मानंद जैन सभा द्वारा संचालित एस.ए.वी. जैन डे बोर्डिंग स्कूल में प्रधान जीवन जैन जी की अध्यक्षता में आज 22 जुलाई – राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस बड़े गर्व और देशभक्ति के साथ मनाया गया। इसी दिन 1947 में भारत की संविधान सभा ने तिरंगे को हमारे राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाया था।

स्कूल की विद्यार्थी अंशु नय्यर ने “तिरंगे का इतिहास और महत्व” विषय पर भाषण दिया। उसने बताया कि तिरंगे के केसरिया, सफेद और हरे रंग तथा 24 तीलियों वाले अशोक चक्र का क्या अर्थ है। उन्होंने छात्रों से कहा कि _”तिरंगा हमारी आन-बान-शान है। इसकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।”छात्रों को भारतीय ध्वज के इतिहास पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। डॉक्यूमेंट्री में पिंगली वेंकैया द्वारा ध्वज का डिजाइन बनाने से लेकर 22 जुलाई 1947 को इसे राष्ट्रीय ध्वज के रूप में अपनाए जाने तक की पूरी यात्रा दिखाई गई। डॉक्यूमेंट्री देखने के बाद छात्रों में तिरंगे के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना और प्रबल हुई।
प्रधान श्री जीवन जैन जी ने अपने भेजे गए संदेश में कहा कि इसी दिन 1947 में हमने अपने तिरंगे को अपनाया था। यह सिर्फ तीन रंगों का कपड़ा नहीं है। यह हमारे शहीदों के बलिदान, हमारी एकता और हमारे सपनों का प्रतीक है। आइए हम सब मिलकर प्रतिज्ञा करें कि हम अपने तिरंगे को हमेशा ऊंचा रखेंगे।
सेक्रेटरी श्री माणिक जैन जी ने कहा कि आज से 79 साल पहले, 22 जुलाई 1947 को, स्वतंत्रता मिलने से 24 दिन पहले, भारत की संविधान सभा ने तिरंगे को हमारे स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकार किया था।स्वतंत्रता संग्राम के दौरान हमारा तिरंगा हर भारतीय के लिए आशा और एकता का प्रतीक था। आज भी जब हम तिरंगे को लहराते हुए देखते हैं तो हमारा सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है।कैशियर श्री साहिल जैन जी ने कहा कि केसरिया रंग* हमें शक्ति, साहस और त्याग सिखाता है।
*सफेद रंग* हमें सत्य, शांति और पवित्रता का संदेश देता है।
*हरा रंग* हमें समृद्धि, उन्नति और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है।
और बीच में *गहरे नीले रंग का अशोक चक्र* जिसमें 24 तीलियां हैं, वह धर्म चक्र है। यह हमें बताता है कि हमें हमेशा आगे बढ़ते रहना है।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों और अध्यापकों ने तिरंगे का सम्मान करने और देश सेवा का संकल्प लेने की शपथ ली।










