
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। नई सोच संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अशवनी गैंद व सामाजिक एवं प्राकृतिक वातावरण प्रेमी पी.के. राणा ने पंजाब के खन्ना में हिन्दू महंत कश्मीर गिरी के घर में कथित रूप से नशीला पदार्थ रखने के मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पुलिस कर्मचारियों द्वारा किसी निर्दोष व्यक्ति को फंसाने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई की गई है, तो यह कानून और पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करता है।

गैंद व राणा ने कहा कि पुलिस का काम अपराध रोकना और जनता की सुरक्षा करना है, न कि किसी व्यक्ति को झूठे मामले में फंसाना। पुलिस विभाग के कर्मचारियों पर इस प्रकार के गंभीर आरोप लगना पूरे प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि आखिर राज्य में पुलिस प्रशासन की जवाबदेही कौन सुनिश्चित करेगा? यदि कानून की रक्षा करने वाले ही कथित तौर पर कानून का दुरुपयोग करेंगे, तो आम जनता न्याय के लिए किसके पास जाएगी? सरकार को इस मामले में अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट करनी चाहिए।
गैंद व राणा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से विशेष अपील की कि वे इस गंभीर मामले का स्वयं संज्ञान लें और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई करें तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करवाने की दिशा में कदम उठाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय न हो। उन्होंने मांग की कि मामले की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। संबंधित पुलिस कर्मचारियों की भूमिका, सीसीटीवी फुटेज, नशीले पदार्थ की बरामदगी की प्रक्रिया और अन्य सभी सबूतों की पारदर्शी तरीके से जांच हो। जांच में किसी भी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं होना चाहिए।
गैंद व राणा ने कहा कि पंजाब की जनता ऐसी पुलिस व्यवस्था चाहती है जिस पर उसे भरोसा हो। वर्दी की आड़ में किसी भी प्रकार की कथित गैरकानूनी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती। दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार और पंजाब सरकार दोनों से इस मामले में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।












