
होशियारपुर(द स्टैलर न्यूज़)। पिपलावालां के 32 वर्षीय कमलजीत सिंह ने वर्ष 2000 में जब बारहवीं की तो उसे समझ नहीं आया कि वह अब क्या करें। पिता कारपेंटर का काम करते थे और भाई भी इसी काम से जुड़ा था। परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी नहीं थी, इस लिए कमलजीत ने भी इसी काम में अपना भविष्य शुरु करने की ठानी। लेकिन कमलजीत की सोच बड़ी थी और वह इस काम को ही बड़े स्तर पर करना चाहता था। इसी बीच जब उसने स्व रोजगार के लिए ऋण योजना व ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में सुना तो उसे उम्मीद की किरण दिखी। उसने ऋण व ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए अप्लाई किया और ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कमलजीत पहले वाला कमलजीत नहीं रहा। वह एक महत्वाकांक्षी और ऊर्जा से लबरेज कमलजीत था जो कि अपना व्यवसाय शुरु कर कुछ कर दिखाना चाहता था। आज वह न सिर्फ एक सफल उद्यमी बन कर अपने पैरो पर खड़ा है बल्कि 20 से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दे रहा है।

ट्रेनिंग लेकर कमलजीत ने शुरु किया अपना व्यवसाय, आज 20 से ज्यादा लोगों को दे रहा रोजगार
जिलाधीश ईशा कालिया ने एक और जहां कहा कि कमलजीत जैसे युवाओं के लिए विभिन्न ऋण योजनाएं है, वहीं उनको काम में निपुण बनाने के लिए रु रल सैल्फ इंप्लायमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट(आर.एस.ई.टी.आई) भी चलाए जा रहे हैं जहां से अब तक 3871 युवा ट्रेनिंग लेकर ले चुके हैं जिसमें से 2354 युवा अपना रोजगार शुरु कर पैरों पर खड़े हो चुके हैं। उन्होंने नौजवानों को अपील करते हुए कहा कि आर.एस.ई.टी.आई की ओर से करवाए जा रहे व्यवसायिक कोर्स कर वे भी अपने पैरों पर खड़े होकर स्व रोजगार को अपनाए।
कमलजीत सिंह ने बताया कि बारहवीं के बाद उसने अपने करियर को कारपेंटर के व्यवसाय के तौर पर बनाने का फैसला किया। शुरुआत में उसने ठेकेदार पाल सिंह मठारु के साथ साढ़े चार साल काम कर बढ़ई के कार्य का प्रशिक्षण लिया और प्रशिक्षण के बाद उसने बहुत ही छोटे स्तर पर अपना कामकाज शुरु कर दिया लेकिन उसके मन में कुछ बड़ा करने की इच्छा थी परंतु वित्तिय स्थिति कमजोर होने के कारण वह अपने व्यापार का विस्तार नहीं कर पा रहा था। कुछ समय बाद उसे सरकार की पी.एम.ई.जी.पी. योजना के बारे में पता चला और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया होशियारपुर के माध्यम से पीएमईजीपी योजना के तहत 7,50,000 रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया।
नौजवान भी ट्रेनिंग व ऋण योजना का लाभ लेकर पैरों पर हो सकते हैं खड़े : जिलाधीश
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, ऋण को मंजूरी दे दी और पीएमईजीपी योजना की आवश्यकता के अनुसार उसने पीएनबी आर.एस.ई.टी.आई. होशियारपुर में 3 अप्रैल 2017 से 12 अप्रैल 2017 तक तक सामान्य उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) प्रशिक्षण लिया जहां उसने विभिन्न व्यावसायिक तकनीकों को सीखा जिसमें उद्यमिता क्षमताओं की आवश्यकता, समस्या निवारण तकनीक, मार्केटिंग मैनेजमेंट, जोखिम लेने और लक्ष्य सेटिंग और आत्मविश्वास विकसित करना आदि प्रमुख थे। इस ट्रेनिंग को करने के बाद उसे नई ऊर्जा मिली जिसने कि कारोबार को बढ़ाने में काफी मदद की। वह विशेष रूप से आत्मविश्वास हासिल करने और ग्राहकों और अन्य व्यावसायिक कौशल से निपटने के लिए पी.एन.बी. आर.एस.ई.टी.आई. होशियारपुर में दिए गए प्रशिक्षण से बहुत प्रभावित हैं।
अप्रैल 2017 में उसने ब्रदर फर्निशर्स के नाम के तहत गांव बूथगढ़ में अपनी खुद की फर्नीचर की दुकान खोली, जहां वह अपना व्यावसाय चला रहा है। उसने बताया कि उसने फर्नीचर बनाने के कौशल को विकसित किया व रेडीमेड किचन बनाने में महारत हासिल की। वर्तमान में उसने अपनी वर्कशाप में 20 से ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है और लगभग पूरे पंजाब में ग्राहकों को फर्नीचर और रेडीमेड किचन तैयार कर दे रहा है। सभी खर्चों को पूरा करने के बाद वह 40,000 रुपये की मासिक कमा लेते हैं।
डायरेक्टर आर.एस.ई.टी.आई के.जी. शर्मा ने बताया कि संस्थान की ओर से अप्रैल 2018 से लेकर अब तक 381 युवाओं को ट्रेनिंग दी गई और 296 युवा अपना रोजगार शुरु कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि आर.एस.ई.टी.आई की ओर से कंप्यूटराइज्ड अकाउंटिंग, एस.सी, फ्रीज रिपेयर, मोबाइल रिपेयर, ब्यूटी पार्लर मैनेजमेंट, ड्रैस डिजाइनिंग, डेयरी फार्मिंग एंड वर्मी कंपोस्ट मेकिंग, पापड़, पिकल एंड मसाला पाउडर मेकिंग आदि प्रमुख कोर्स करवाए जाते हैं।












