
बछवाड़ा/बेगूसराय(द स्टैलर न्यूज़),रिपोर्ट: राकेश कुमार। थानाक्षेत्र के अरबा गांव की पीडि़ता को एक अदद एफआईआर के लिए अमरन अनशन पर बैठने की नौबत आन पड़ी है। बताते चलें कि अरबा निवासी रामप्रवेश यादव की पत्नी कुमारी दयारानी ने शनिवार को बीडीओ डा. विमल कुमार को आवेदन देकर एक सप्ताह का अल्टिमेटम देते हुए आगामी 16 मई से प्रखंड मुख्यालय पर आमरन अनशन की चेतावनी दी है। पीडि़ता ने बताया कि बछवाड़ा विधायक रामदेव राय ने पूर्व में कई विभागों के मंत्री पद को सुशोभित किया है। बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह भी केन्द्रीय मंत्री की कुर्सी पर बिराजमान है खुद को फायरब्रांड नेता कहते हैं।

मगर दोनों हीं नेताओं के उपरोक्त विशेषता तब हास्यपद लगता है जब पीडि़तों को न्याय एवं मौलिक अधिकार एक अदद एफआईआर के लिए भी दर-दर की ठोकरें खाने पड़ते हैं। साथ ही पीडि़ता ने बताया कि गत 28 अप्रैल को अरबा पंचायत की मुखिया ने अपने गुर्गों के सहयोग से उसके पति को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पिटवाया था। मौके पर पहुंचे बछवाड़ा थाने के एएसआई अरूण कुमार सिन्हा भी मेरे पति की बंधी रस्सी को खोलने के बजाय, बंधा छोडक़र मुखिया के साथ चाय पानी करते रहे। पीडि़त ने बताया कि घटनाक्रम के बाद से अबतक वह लगातार थाने का चक्कर लगा रही हैं, मगर फिर भी थानाध्यक्ष द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
पुलिस के इस रवैये से क्षुब्ध होकर पीडि़ता ने मामला दर्ज करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अमरन अनशन करने का फैसला लिया है। वहीं, पीडि़ता ने इस मामले संबंधी डीजीपी से गुहार लगाई है कि उसे इंसाफ दिया जाए।












