
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 25 जून 1975 को देश में लगाई गई एमरजेंसी के खिलाफ देश भर में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज के दिन काला दिवस मनाया जाता है।इसी कड़ी में जिला भाजपा द्वारा जिलाध्यक्ष निपुण शर्मा की अध्यक्षता में जिला कार्यलय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद, पूर्व मेयर शिव सूद, विनोद परमार विशेष तौर पर उपस्थित हुए।

इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री तीक्ष्ण सूद ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के इतिहास में 25 जून की तारीख एक विवादास्पद फैसले के लिए याद की जाती है. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को ही देश में आपातकाल ((Imposition of the Emergency) लागू किया था, इसके तहत सरकार का विरोध करने वाले तमाम नेताओं को जेल में ठूंस दिया गया था और सख्त कानून लागू करते हुए आम लोगों के अधिकार का सीमित किया गया था. आपातकाल यानी इमरजेंसी को स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे विवादास्पद और गैर लोकत्रांतिक फैसला माना जाता है और तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी को इसकी कीमत बाद में लोकसभा चुनाव में मिली हार के साथ चुकानी पड़ी। होशियारपुर से भी संघ स्वयंसेवकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी आपातकाल में कांग्रेस सरकार ने अत्यचार किए। कृष्ण शर्मा, रविकांत शर्मा, रमेश भारद्वाज, तिलक राज शर्मा, मोती लाल सूद, ओम प्रकाश शास्त्री, डा. जोगिंदर नाथ, हरिदत्त कालिया, रमेश जालिम,चतरभूषण जोशी, भगत मुंशी राम, भाग्यचन्द्र, जैसे अनेकों साथियों ने इस आपातकाल के विरोध करते हुए गिरफ्तारियां दी थी।
कृष्ण शर्मा और रविकांत शर्मा पर तो थर्ड डिग्री का प्रयोग करते हुए एक सप्ताह तक अमानवीय यातनाएं दी गई थी। ऐसे सभी महानुभावों को जिला भाजपा इकाई दिल से नमन करती है। पूर्व मेयर शिव सूद ने कहा आज का दिन देश की राजनीति में काला अधयाय के रूप में जुड़ गया है। इंदिरा सरकार ने देश मे जबरदस्ती आपातकाल लगाकर भारतीय जनता को आग में झोंक दिया। लोकतांत्रिक मूल्यों का चीरहरण करते हुए बिना जुर्म के लोगो को जेलों में भर दिया गया। जिसके लिए देश गांधी परिवार और कांग्रेस को कभी माफ नही करेगी। जिला उपाध्यक्ष विजय सूद ने कहा कि इंदिरा गांधी के तानशाही के खिलाफ पूरे देश ने लड़ाई लड़ी थी। जिसमें आरएसएस और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सर्वस्व न्योछावर कर दिया।हम उनकी आपातकाल के खिलाफ बुलंद आवाज़ को नमन करते है। इस काला दिवस को हर साल मनाने का सिर्फ कारण एक यह भी है कि आज और आने वाली पीढिय़ों को यह पता चल सके कि तानाशाही इंदिरा परिवार की काली करतूतें पता चल सके।
इस मौके पर जगतार सिंह सैनी, सुरेश भाटिया,कुलवंत कौर, मीनू सेठी, कृष्ण अरोड़ा, सुधीर शर्मा, अमरजीत लाडी, अशोक शोकी,रणजीत सिंह राणा, संजू अरोड़ा, रविन्द्र चड्डा, अखिल सूद, शिव कुमार काकू, कर्मबीर बाली, विपुल वालिया, तेजिंदर सिंह, बलजिंदर काला, प्रमोद शर्मा, मुखीराम आदि उपस्थित थे।











