
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। जिलाधीश अपनीत रियात ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से पराली को आग लगाने के रुझान पर नकेल कसने के लिए किसानों को जहां सब्सिडी पर पराली प्रबंधन की मशीनरी मुहैया करवाई जा रही है, वहीं जो किसान किराए पर इस मशीनरी का प्रयोग करना चाहते हैं, उनके लिए ब्लाकों में कस्टम हायरिंग सैंटर भी स्थापित किए गए हैं। यह विचार उन्होंने आज गांव मेघोवाल गंजिया के कस्टम हायरिंग सैंटर हीर वैलफेयर सोसायटी का दौरा करने के दौरान रखे। इस दौरान इस सैंटर की ओर से खरीदी गई मशीनरी का खेत में सफल प्रदर्शन भी किया गया।

इसमें मुख्य तौर पर कंबाइन हारवेस्टर सुपर एस.एम.एस सहित, पलटावे हल, मल्चर व सुपर सीडर शामिल हैं। जिलाधीश रियात ने जिले के समूह किसानों को इन सैंटरों का पराली प्रबंधन व गेहूं के खड़े पराल में ही बिजाई करने के लिए उपयुक्त मशीनों का भरपूर फायदा लेेने की सलाह दी। मुख्य कृषि अधिकारी डा. विनय कुमार ने किसानों के लिए कस्टम हायरिंग सैंटर को कम लागत वाला विकल्प बताते हुए कहा कि छोटे व सीमांत किसानों जो महंगी मशीनरी खरीदने में असमर्थ है, वे इन सैंटरों से किराए पर मशीनरी प्रयोग कर अपने खेतों में ही पराली का योग्य हल कर सकते हैं। इस मौके पर विभाग के अधिकारी इंजीनियर नवदीप सिंह, मंदीप सिंह, इंजीनियर वरुण चौधरी, डा. दीपक पुरी, डा. सिमरनजीत सिंह के अलावा हीर वैलफेयर सोसायटी के प्रधान हरजबीर सिंह, अमरप्रीत सिंह, जीत सिंह, जसविंदर सिंह, बिंदर, हरजिंदर सिंह आदि किसान भी मौजूद थे।











