
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। सी.जे.एम-कम-सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी अपराजिता जोशी ने आज केंद्रीय जेल का दौरा कर हवालातियों, कैदियों की समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने प्लीअ बारगेनिंग के बारे में जागरुक करते हुए बताया कि सी.आर.पी.सी के चैप्टर 21-ए के अंर्तगत 265-ए से लेकर 265-एल तक यदि किसी केस में पहले सजा हुई है तो उसमें प्लीअ बारगेनिंग नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सात वर्ष से कम केस वाले की प्लीअ बारगेनिंग की जा सकती है। इसके अलावा सात वर्ष से ऊपर के किसी भी अपराध में प्लीअ बारगेनिंग नहीं हो सकती, जिनमें हत्या का मामला, महिलाओं के सोशल अफेंस, बच्चों के खिलाफ जो 14 वर्ष से अधिक के न हो शामिल है। इसी तरह सोशल इकनामिक्स, दुष्कर्म, बच्चों के केसों में प्लीअ बारगेनिंग नहीं की जा सकती।

सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी ने बताया कि म्यूचली सैटीसफैक्ट्री डिसपोजिशन कोर्ट द्वारा फिक्स की जाती है कि दोषी एफीडेविट लगाए तो सरकारी वकील व दोषी को बिठा कर म्यूचली सैटीसफैक्ट्री डिस्पोजिशन की जाती है। इससे यह होता है कि दोषी द्वारा शिकायत देने का आर्डर किया जा सकता है व दोषी को प्रोबेशन पर छोड़ा जा सकता है, सजा कम की जा सकती है व एक वर्ष की सजा को आधा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो उपरोक्त धाराओं के अंर्तगत नहीं आते उनकी एक चौथाई सजा की जा सकती है। इस निर्णय की अपील नहीं होती, रिट पटीशन के माध्यम से हाईकोर्ट में इसका निर्णय हो सकता है।
अपराजिता जोशी ने इस दौरान केंद्रीय जेल के अस्पताल का दौरा भी किया। अस्पताल में इलाज करवा रहे हवालातियों का हाल चाल जाना व उनकी दवाईयों के बारे में डाक्टर से बातचीत भी की। इस दौरान उन्होंने महिलाओं की बैरक का भी दौरा किया व सरबत का भला एन.जी.ओ की ओर से महिलाओं को सिलाई मशीने मुहैया करवा कर कपड़े का मास्क बनाने के लिए मुहैया करवाई जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय जेल के सुपरिटेंडेंट व स्टाफ भी मौजूद था।











