
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। रोटरी आई बैंक एवं कार्निया ट्रांसप्लांट सोसायटी की तरफ से एम्स दिल्ली के सहयोग से कार्निया ब्लाइंडनैस पीडि़तों (जिनमें बच्चे एवं बड़े भी शामिल हैं) के आप्रेशन करवाए जाएंगे ताकि इस बीमारी से जूझ रहे परेशान लोगों को राहत दिलाने का फैसला लिया गया है। इस संबंधी रोटरी आई बैंक की बैठक प्रधान व प्रमुख समाज सेवी संजीव अरोड़ा एवं चेयरमैन जेबी बहल की अगुवाई में हुई। इस मौके पर श्री अरोड़ा ने बताया कि कार्निया ब्लाइंडनैस को दूर करने की मुहिम के तहत रोटरी आई बैंक ने एम्स दिल्ली के साथ संपर्क किया था और उनसे सूची मांगी थी। उन्होंने बताया कि एम्स से प्राप्त सूची अनुसार पता चला है कि बच्चों सहित 1500 लोग कार्निया ब्लाइंडनैस से पीडि़त हैं, जो रोशनी के इंतजार में हैं ताकि वह इस सुंदर संसार को देख पाएं और अपनी जिंदगी आत्मनिर्भर हो सकें। उन्होंने बताया कि पहले फेज़ में 8 माह से 10 साल तक के 15 बच्चों के आप्रेशन करवाए जाएंगे। इस उपरांत आंखों की उपलब्धता के अनुसार समय-समय पर आप्रेशन करवाकर सभी को रोशनी प्रदान की जाएगी। श्री अरोड़ा ने बताया कि जल्द ही इस संबंधी बैठक करने के लिए रोटरी आई बैंक की 4-5 सदस्यों की टीम एम्स के डाक्टरों से मिलने जा रही है ताकि इस कार्य में तेजी लाई जा सके।

एम्स के अनुसार बच्चों सहित कार्निया ब्लाइंडनैस से पीडि़त हैं 1500 से अधिक लोग
इस मौके पर श्री बहल ने बताया कि इस कार्य में राधिका टंडन प्रेजीडेंट ऑल इंडिया आई बैंकस, पीएस बावा कोआर्डिनेटर, प्रो. नम्रता शर्मा को-चेयरपर्सन नैशनल आई बैंक एवं डा. शरद चैरीटेबल ग्रुप ऑफ आई अस्पताल से मनीषा ने इस कार्य में अपनी तरफ से हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने बताया कि उन्हें खुशी है कि एम्स ने रोटरी आई बैंक के कार्यों को सराहा है और इसमें सहयोग की बात कही है। उन्होंने बताया कि जो सूची एम्स से प्राप्त हुई है उसमें पीडि़त के हालातों को देखते हुए पहल के आधार पर आप्रेशन करवाए जाएंगे तथा इसी कड़ी के तहत पहले बच्चों के आप्रेशन करवाने का फैसला लिया गया है। जिस संबधी सभी सदस्यों ने सहमति प्रकट की है। उन्होंने बताया कि रोटरी आई बैंक के पास जैसे-जैसे आंखें उपलब्ध होती जाएंगी उसके हिसाब से आप्रेशन करवाए जाएंगे।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वह नेत्रदान प्रणपत्र भरने हेतु आगे आएं ताकि इस बीमारी से पीडि़त लोगों के आप्रेशन करवाए जा सकें। जिन परिवारों में किसी परिजन की मृत्यु होती है वे भी इन बच्चों एवं अन्य मरीजों की हालत को देखते हुए नेत्रदान करें ताकि एक व्यक्ति की आंखों से दो लोगों को जिंदगी प्रदान की जा सके। क्योंकि, नेत्रदान करने वालों की संख्या कम है और कार्निया ब्लाइंडनैस से पीडि़तों की संख्या अधिक है। इस अवसर पर प्रिं. डीके शर्मा, मदन लाल, कुलदीप राय गुप्ता, राजेश नकड़ा, अमित नागपाल, दीपक मेहंदीरत्ता, अविनाश सूद, जसवीर सिंह, जगदीश अग्रवाल, शाखा बग्गा, जसवीर कंवर, रमिंदर सिंह आदि मौजूद थे।










