Monday, November 2, 2026
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जैम्स कैम्ब्रिज स्कूल में ‘सांभ लो मापे, रब मिल जाऊ आपे’ संबंधी कार्यक्रम आयोजित

होशियारपुर(द स्टैलर न्यूज़)। शहर के जैम्स कैम्ब्रिज इण्टरनैशनल स्कूल, होशियारपुर में स्कूल के छात्रों के लिए टाक शो का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि हरियाणा के लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा जी ने शिरकत की। समारोह में भूतपूर्व राज्य सभा सदस्य अविनाश राय खन्ना जी तथा अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन पंजाब के प्रदेश प्रधान एवं महाराजा अग्रसेन स्र्पोटस क्लब के चैयरमैन सुरिंदर अग्रवाल जी खास मेहमान के रुप में पहुंचे। मौके पर वासल एजुकेशन ग्रुप के पदाधिकारी तथा शहर के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

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स्कूल प्रिंसिपल शरत कुमार सिंह ने बताया क्ि टाक शो का शीर्षक ‘साँभ लो मापे, रब मिल जाऊ आपे’ था जिसके तहत मुख्य अतिथि तथा आए हुए खास मेहमानों ने छात्रों को अपने तथा देश के महानुभावों के अनुभव सांझे किए। अविनाश राय खन्ना जी ने कहा कि सभी तीर्थ हमारे घर में ही माता पिता के रूप में मौजूद हैं। माता-पिता की सेवा से उनका आर्शीवाद तथा अच्छी किस्मत के दरवाजे खुलते हैं। उन्होने बताया कि लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा जी अपने माता पिता की सेवा तथा अच्छे कर्मो के फलस्वरूप हीे आज इतने बड़े ओहदे पर बैठे काम कर रहें है। अविनाश राय खन्ना जी ने सभी छात्रों को अपने माता पिता की सेवा करने, उन्के साथ समय बिताने तथा हरेक दिन कम से कम एक समय का खाना परिवार साथ खाने के लिए प्रेरित किया।उन्होने कहा कि भारत की सभ्यता हमें यही सँदेश देती है क्ि यदि हम अपने माँ बाप अपने से दूर करते है तो भग्वान भी हमसे दूर हो जाएगें।

सुरिंदर अग्रवाल जी ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि माता-पिता की सेवा संभाल करने से बच्चों का भविष्य उज्जवल बनता है। हर उम्र में उनका साथ देने वालों को तरक्की तथा कामयाबी मिलती है। लोकायुक्त जस्टिस हरि पाल वर्मा ने अपने संबोधन में बताया कि हमारे ग्रंथों में माता पिता को भग्वान का दर्जा दिया गया है। मां-बाप की सेवा भग्वान की सेवा है। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने भी कहा है कि माता-पिता प्रभु का ही रूप है हमें कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए कि उन्हें कष्ट हो। हरि पाल वर्मा जी ने कहा कि उम्र कोई भी हो मां-बाप सर्वोच्च होते हैं, बुढ़ापे में भी जवान कमाने वाले बच्चे उन्हें नहीं रखते बल्कि मां-बाप की छत्रछाया में ही बच्चे आगे बढ़ते है।

उन्होने अपने सन्बोधन में कहा कि यह मानवता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि 2007 में पार्लियामैंट को एक एक्ट बनाना पड़ा, जिसके अनुसार अगर कोई बच्चा अपने बुज़ुर्ग माँ बाप की सेवा नहीं करता या उनका बनता हक नहीं देता एवं अगर कोई अभिभावक ट्रिब्यूनल में शिकायत दर्ज करवाता है तो सज़ा का प्रावधान है। वासल एजुकेशन सोसाइटी के प्रधान के.के.वासल, चैयरमैन संजीव वासल तथा सी.ई.ओ राघव वासल तथा प्रिंसिपल शरत कुमार सिंह ने मुख्य मेहमान तथा खास मेहमानों को स्मृति चिन्ह भेंट करते हुए धन्यवाद किया तथा बच्चो को अपने माता पिता के साथ समय बिताने तथा उनकी सेवा करने के लिए प्रेरित किया। श्री वासल ने कहा कि छात्रों को अपनी दिनचर्या की हर अच्छी बुरी बात अपने माता पिता सेस ाँझी करनी चाहिए ताकि वे उनका सही मार्गदर्शन कर सकें।

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