
फाजिल्का (द स्टैलर न्यूज़)। स्वास्थ्य विभाग, सिवल सर्जन फाजिल्का डा. चन्द्र शेखर के दिशानिर्देशनुसार व सीनियर मैडीकल अफसर डा. विकास गांधी की देखरेख में आज सीएचसी खुईखेड़ा के विभिन्न सेंटरों में विश्व हैपाटाईटस दिवय मनाया गया। इस बारे जानकारी देते हुए एसएमओ डा. गांधी ने बताया कि हैपाटाईटस ए व ई के फैलने के मुख्य कारण गंदा पानी पीने व गले सड़े फल खाने, मक्खियों द्वारा दुषित फल व भोजन खाने तथा बिना हाथ थोए खाना खाने आदि शामिल है। इस बीमारे की मुख्य लक्ष्ण हल्का बुखार व मासपैशियों में दर्द होना, भूख न लगना, बार बाद उल्टी जैसा लगना, पेशाब का रंग गुड़ा पीला होना, कमजोरी महसूस होना व जिगर खराब होना आदि शामिल है। उन्होंने बताया कि हैपाटाईटस ए व ई से बचाव हेतू पीने का पानी साफ सुथरे स्थान या फिर पानी उबाल कर ठंडा करके पीना चाहिए। पीने का पानी साफ बर्तन में ढक कर रखे व पीने के पानी में हाथ न लगाए, परिवार के सभी सदस्य शौचालय का उपयोग करें खुले में शौच न जाएं, गले सड़े तथा ज्यादा पके फल न खाएं इसके साथ ही खेतों में इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों के डृम व डिब्बों को नहर व पीने के पानी में न थोए। इस प्रकार करने से वह पानी मनुष्य के पीने का लायक नहीं रहता।

डा. गांधी ने काला पीलीया / हैपाटईटस बी व सी के फैलने के मुख्य कारणों बारे बताया कि यह नशों के टीकों का इस्तेमाल करने, दूषित खून चढाने, दूषित सूई के लगाने, बीमारे से ग्रस्त मरीज के संपर्क में आने से, टूथबर्श व रेजर आपस में सांझा करना, शरीर पर टैटू बनाना, ग्रस्त मां से बच्चो को, स्वास्थ्य कर्मचारी को दूषित सूई चुभना आदि कारण उक्त बीमारी फैलने के मुख्य कारण है। बीमारे के मुख्य लक्ष्ण बुखार व कमजोरी महसूस होना, भूख न लगना, पेशाब में पीलापन, जिगर खराब होना व जिगर का कैंसर होना है। उन्होंने बीमारी से बचाव हेतू नशीले टीकों का इस्तेमाल न काने, एक सूई का इकट्ठा इस्तेमाल न करना, समय समय पर डाक्टरी जांच करवाना, सुरक्षित संभोग व कंडोम का इस्तेमाल करना, जख्मों को खुला न छोड़ने, सरकार द्वारा मंजूरशुदा ब्लड़ बैंक से ही मरीज टैस्ट किया ब्लड़ लें, रेजर व ब्रश एक दूसरे का इस्तेमाल न करें तथा मेले इत्यादि से शरीर पर टैटू न बनवाएं बारे बताया। बीईई सुशील बेगांवाली ने बताया कि इस बार स्वास्थ्य विभाग दुआरा अब कार्रवाई का समय है थीम पर विश्व हैपाटाईटस दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके ब्लाक के सरकारी स्कूल , विभिन्न सब सेण्टरों में जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया।











