
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। वातावरण शिक्षा प्रोग्राम के तहत स्टेट नोडल एजेंसी पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी मैडम ललिता अरोड़ा के सहयोग से दो दिवसीय वर्कशॉप जेम्स कैंब्रिज स्कूल में लगाई गई। इस वर्कशॉप के संचालन में जिलाधीश कार्यालय द्वारा भी विशेष सहयोग दिया गया। जानकारी देते हुए ज़िला कोऑर्डिनेटर अशोक कालिया ने बताया कि वर्कशॉप के दौरान 6 अगस्त को प्राइमरी स्कूलों के ब्लाक प्राइमरी शिक्षा अधिकारी, सेंटर हेड टीचर तथा सभी स्कूलों के इको क्लब के इचांर्ज ने भाग लिया। जबकि 7 अगस्त को सभी सरकारी, प्राइवेट तथा एडिड स्कूलों के प्रमुखों ने भाग लिया। रिसोर्स पर्सन जगजीत सिंह लेक्चरर केमिस्ट्री सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल कमाही देवी तथा जिला कोऑर्डिनेटर अशोक कालिया लेक्चरर केमिस्ट्री सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल चौहाल ने ग्रीन स्कूल प्रोग्राम के ऑडिट संबंधी संपूर्ण जानकारी प्रदान की।

पिछले साल ग्रीन स्कूल पुरस्कार विजेता स्कूलों को अवार्ड के साथ सम्मानित किया गया। वर्कशॉप में जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी मैडम ललिता अरोड़ा विशेष तौर पर पहुंची। इस मौके पर उन्होंने कहा की स्कूल को हरा-भरा बनाने के लिए यह सोचना ज़रूरी है कि स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए क्या बदलाव किए जा सकते हैं। हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने से लेकर छात्रों के बाहर बिताए जाने वाले समय को बढ़ाने से लेकर स्कूल में बगीचा लगाने तक। इसका मतलब यह भी है कि स्कूल स्थानीय पर्यावरण में किस तरह योगदान देता है इस बारे में सोचना। रीसाइक्लिंग अभियान का नेतृत्व करना या छात्रों द्वारा प्लास्टिक की पानी की बोतलों के इस्तेमाल के तरीके पर पुनर्विचार करना स्थानीय पर्यावरण पर प्रभाव डाल सकता है। इस प्रक्रिया में हर कदम पर छात्रों को शामिल करना महत्वपूर्ण है ताकि छात्रों को पता चले कि उनके प्रयास कैसे एक बेहतर हरित स्कूल का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पौधारोपण करने की दिशा में प्रोत्साहित करना चाहिए तथा कचरे को भी सही ढंग से मैनेज करना चाहिए। इस मौके पर ज़िलाधीश कार्यालय से मैडम जोया सिद्दिकी, प्रिंसिपल शैलेंद्र ठाकुर, प्रिंसिपल राकेश कुमार, प्रिंसिपल त्रिलोचन सिंह, प्रिंसिपल राजन अरोड़ा, प्रिंसिपल वैशाली चड्डा सहितअलग-अलग स्कूलों के प्रिंसिपल तथा स्कूल प्रमुख उपस्थित है।












