Tuesday, November 3, 2026
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डिप्टी कमिश्नर ने जिला स्तरीय डेंगू इंटरसेक्टोरल कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक के दौरान दिए निर्देश

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व नगर कौंसिलों को निर्देश दिए कि वे संयुक्त तौर पर डेंगू की रोकथाम के लिए जागरुकता अभियान चलाएं व डेंगू का लारवा मिलने पर चालान भी करें। उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया व चिकनगूनिया से बचने और फैलने से रोकने के लिए अभी से ही प्रयास किए जाएं। वे आज जिला स्तरीय डेंगू इंटरसेक्टोरल कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने डेंगू जागरुकता संबंधी पोस्टर भी जारी किया। इस दौरान उनके साथ सिविल सर्जन डा. पवन कुमार, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डा. हरबंस कौर, एस.एम.ओ सिविल अस्पताल डा. स्वाति शीमार, जिला टीकाकरण अधिकारी डा. सीमा गर्ग भी मौजूद थे।  

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डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सावधानी ही डेंगू, मलेरिया व चिकनगूनिया से बचाव का उपाय है। उन्होंने कहा कि डेंगू, मलेरिया आदि मच्छर की रोकथाम केवल प्रशासन के प्रयास से नहीं बल्कि हर जिला निवासी को भी अपनी जिम्मेदारी समझ कर अपना घर और आस-पास साफ रखना पड़ेगा। इस उद्देश्य को मुख्य रखते हुए सभी सरकारी कार्यालयों और अन्य स्थानों पर मौजूद कूलरों और पानी की टंकियों आदि की सफाई की जाए।

डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग को हिदायत करते हुए कहा कि डेंगू, मलेरिया आदि से पीड़ित मरीजों के लिए सिविल अस्पताल में अलग -अलग डेंगू वार्ड स्थापित किए जाएं। उन्होंने नगर निगम व नगर कौंसिलों के अधिकारियों को हिदायत जारी करते हुए कहा कि वे अपने अपने इलाकों में मच्छर मारने वाली दवाओं का छिडक़ाव जारी रखें जिससे डेंगू, मलेरिया आदि फैलने से रोका जा सके।

      कोमल मित्तल ने स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूलों में डेंगू जागरुकता संबंधी सेमीनार लगाए जाएं और सुबह की सभा में इसके बारे में अधिक से अधिक जागरुकता फैलाई जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रमुखों की ओर से विद्यार्थियों को निर्देश दिए जाएं कि वे ऐसे कपड़े न पहनें जो आपकी बाहें और पैरों को खुला छोड़ते हों। उन्होंने जिला वासियों से अपील की कि वे हर शुक्रवार को ‘ड्राई डे’ (हर शुक्रवार डेंगू पर वार) गतिविधि के तौर पर अपने-अपने घरों, दुकानों व कार्यालयों में खड़ा पानी बहाएं। उन्होंने कहा कि यह पानी कूलरों, फूलों के गमले, फ्रिज की पिछली ट्रे और पुराने टायरों या घर के अंदर और आसपास किसी अन्य स्थान पर भी हो सकता है, जिसे हमें शुक्रवार को खाली कर देना चाहिए। उन्होंने नगर निगम होशियारपुर, नगर कौंसिलों, ग्रामीण विकास को अन्य सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय करके अधिक सक्रियता से काम करने के निर्देश दिए। इस मौके पर समूह एस.एम.ओज, नगर कौंसिल के ई.ओ व अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।

एपिडेमियोलाजिस्ट डा. जगदीप ने डेंगू के लक्षणों के बारे में बताते हुए कहा कि डेंगू होने पर मरीज को अचानक तेज बुखार, तेज सिर दर्द, आंखों के पीछे दर्द, गंभीर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, त्वचा पर दाने, थकान मन घबराना, उल्टियां आदि आती हैं।

क्या करें:

डा. जगदीप ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर और अन्य छोटे कंटेनरों में से पानी निकालें, ओवरहेड टैंकों को ढक कर रखें, हर हफ्ते फ्रिज की पिछली ट्रे से पानी निकालें, दिन में सोते समय मच्छरदानी या मच्छर भगाने वाली दवाओं का उपयोग करें, सप्ताह में एक बार पानी के भंडारण वाले बर्तनों को खाली करें और सुखाएं,

मच्छरों के पनपने से रोकने के लिए आसपास के क्षेत्र को साफ और सूखा रखें, प्लास्टिक, नारियल के खोल और खाली डिब्बों में पानी जमा न होने दें, अपने घर के अंदर और आसपास बाहरी कंटेनरों और पानी के गड्ढों पर कीटनाशकों का छिड़काव करें।

-यह न करें-

ऐसे कपड़े न पहनें जो आपकी बाहें और पैरों को खुला छोड़ते हों, बच्चों को शॉर्ट्स और आधी बाजू के कपड़ों में खेलने न दें, पक्षियों के खाने/पीने के बर्तनों में पानी जमा न होने दें, घर से बाहर जाते समय शौचालय को ढककर रखें, इन महीनों के दौरान फूलों के गमलों के नीचे अन्य बर्तनों का उपयोग न करें क्योंकि जमा पानी मच्छरों का घर बन जाता है, डेंगू के मरीजों को स्टेरॉयड या एंटीबायोटिक्स न दें, जब तक लगातार खून न आ रहा हो या प्लेटलेट्स की संख्या 10,000 से कम न हो जाए, तब तक प्लेटलेट्स का ट्रांसफ्यूजन  परहेज करें।

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