
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। माननीय डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर सुश्री कोमल मित्तल, सिविल सर्जन डा. पवन कुमार शगोत्रा और डिप्टी मेडिकल कमिश्नर डा. हरबंस कौर के आदेशानुसार स्वास्थ्य विभाग के जिला नशा मुक्ति पुनर्वास केंद्र द्वारा जिला शिक्षा और प्रशिक्षण केंद्र अज्जोवाल होशियारपुर में प्रिंसिपल अनुपम शर्मा के सहयोग से नशे और इसके उपचार पर एक जागरूकता सेमिनार करवाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए मनोवैज्ञानिक कम काउंसलर तानिया वोहरा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार नशा एक मानसिक बीमारी है, जिसका इलाज सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क किया जाता है। उन्होंने नशे के कारण, लक्षण और उससे होने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।काउंसलर प्रशांत आदिया ने बताया कि होशियारपुर जिले के नशा मुक्ति केंद्र, सिविल अस्पताल होशियारपुर और दसूहा में नशा मुक्ति का इलाज मुफ्त किया जाता है। जिसमें पहले 15-21 दिन तक मरीज का डिटॉक्सिफिकेशन किया जाता है।

इसके बाद मरीज को 90 दिनों के लिए सरकारी पुनर्वास केंद्र मोहल्ला फतेहगढ़ होशियारपुर में भर्ती किया जाता है, जहां व्यक्तिगत परामर्श, समूह परामर्श, आध्यात्मिक परामर्श के साथ-साथ खेल और चिकित्सा भी की जाती है। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति उपचार के साथ-साथ प्रमाणित कौशल विकास पाठ्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं ताकि मरीज ठीक होने के बाद अपने पैरों पर खड़ा हो सके। उन्होंने कहा कि पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से नशा मुक्ति का इलाज नि:शुल्क उपलब्ध है, यदि कोई मरीज इलाज के लिए आता है तो नशा मुक्ति केंद्र उसके संपूर्ण इलाज करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मौके पर उपप्रधानाचार्या सतवंत कौर, शिखा शर्मा, रितु कुमरा, दिलबाग सिंह, दीदार सिंह, समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।












