
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया हैं कि नई पीढ़ी के मनरेगा कानून विकसित भारत जी राम जी के पारित होने पर विपक्ष द्वारा हाए तौबा मचाना बिलकुल समझ से परे हैं , क्योंकि संसद द्वारा पारित किये गए ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने वाले विकसित भारत जी राम जी नियम में बहुत से अधिनियम मजदूरों के लाभ के लिए जोड़े गए हैं। जिस में दैनिक देहाड़ी को बढ़ाने के साथ-साथ एक वर्ष के 100 दिन से बढ़ा कर 125 दिन अनिवार्य काम देने का प्रावधान हैं।

इस नियम के अनुसार किसानों को फसलों की बिजाई तथा कटाई के समय मजदूरों की किलत को रोकने के लिए 60 दिन तक काम रोका जा सकता हैं, जिससे उस समय किसान मजदूरों से मजदूरी ले सके तथा बाद में सरकार के इस नियम तैहत रोजगार प्राप्त कर सके ताकी रोजगार को और बढ़ावा मिल सके। मजदूरी के भुगतान को भी सप्ताहिक तौर पर अनिवार्य कर दिया गया हैं तथा रोजगार ना मिलने पर बेरोजगारी भत्ता उपलब्ध करवाने के साथ-साथ राज्य सरकार की भागीदारी पहले से बढ़ाई गई हैं ताकि राज्य सरकार गंभीरता से इसे लागू करे तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ाए।
उन्होंने कहा कांग्रेस तथा विपक्ष नए कानून का विरोध कर रहा नहीं दिख रहा परन्तु राम मंदिर के विरोध की तरह उसे नए कानून में श्री राम जी के नाम दिक्क्त मालूम होती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की मान सरकार इस विषय पर विधानसभा का विशेष सत्र बुला कर केबल मात्र ड्रामेबाजी कर रही हैं। जबकि पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा 100 दिन की मंजूरशुदा रोजगार के बदले उन्होंने केवल 26- 25 दिन की रोजगार दी तथा उससे पिछले सालों में भी 100 दिन का तीसरा हिस्सा मात्र ही रोजगार दिया हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का श्री राम जी का विरोध उसे ले डूबेगा तथा नया कानून भारत को विकसित बनाने की दिशा में एक मील पत्थर के तौर पर साबित होगा।












