Monday, November 2, 2026
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बच्चों के सर्वांगीण विकास में अध्यापकों के साथ-साथ अभिभावकों की भूमिका भी अहमः अमरीक

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी मैडम गुरिंदरजीत कौर के निर्देश अनुसार सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल अज्जोवाल में  अभिभावक कार्यशाला 2.0 का आयोजन किया गया। स्कूल इंचार्ज अमरीक सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के साथ-साथ अभिभावकों को शिक्षा प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनने पर चर्चा की गई।

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कार्यशाला के दौरान अभिभावकों को बच्चों के भावनात्मक, शैक्षणिक और नैतिक विकास से जुड़े अहम विषयों पर जागरुक करते हुए लेक्चरर संदीप कुमार सूद ने कहा कि परीक्षा की दृष्टि से देखा जाए तो बच्चों को घर में तथा स्कूल में सकारात्मक माहौल मिलना चाहिए। अनावश्यक आलोचना से बच्चे का मनोबल प्रभावित होता है। बच्चों की मेहनत को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उसमें यह बात पूरी तरह से आनी चाहिए कि अगर वह मेहनत करेगा तो अच्छे नंबर लेकर पास होने में कामयाब रहेगा उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग बच्चों की बेहतरी के लिए कई कार्यक्रम चला रहा है। इसी तरह अध्यापकों को नवीनतम जानकारी देने के लिए उनके सेमिनार लगाए जाते हैं। 

इस मौके पर स्कूल इंचार्ज अमरीक सिंह  ने कहा कि अभिभावक बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। यदि माता-पिता बच्चों की शिक्षा और व्यवहार को सही दिशा देने में स्कूलों के साथ मिलकर काम करें, तो बच्चों का सर्वांगीण विकास संभव है। अभिभावकों को समय-समय पर स्कूल आकर बच्चों की कारगुजारी के बारे में जानकारी हासिल करनी चाहिए। अगर विद्यार्थी को पढ़ाई में किसी तरह की कोई मुश्किल आती है तो अभिभावकों को इस संबंध में उसके शिक्षकों से बात करके उसका निवारण करना चाहिए। इस मौके पर किशोर लाल,कुलजीत कौर,नरेश दत्त, लखवीर सिंह,रजनीश आदि भी उपस्थित थे। इस दौरान अभिभावकों को विद्यार्थियों की परीक्षा के संदर्भ में उनकी मदद करने हेतु शपथ भी दिलाई गई।

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