
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। पंजाब के शिक्षा विभाग ने प्रदेश के ‘हुनर सिखया’ (Hunar Sikhia) स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी ताजा निर्देशों के अनुसार, अब राज्य के सभी 40 हुनर सिखाया स्कूलों को एक विशेष डिजिटल फॉर्मेट में अपना आत्म-मूल्यांकन और निगरानी डेटा साझा करना होगा।

पारदर्शिता के लिए ‘सेल्फ-असेसमेंट’ अनिवार्य
विभाग द्वारा पत्र के तहत, प्रत्येक स्कूल को बुनियादी ढांचे, उपकरणों की उपलब्धता और शिक्षण प्रक्रिया जैसे प्रमुख मानकों पर अपनी रिपोर्ट देनी होगी । आधिकारिक पत्र के अनुसार, इन स्कूलों में वर्तमान में दो-दो व्यावसायिक ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं । कार्यक्रम के प्रभावी कार्यान्वयन और जमीनी चुनौतियों की पहचान के लिए अब हर स्कूल को एक विस्तृत ‘स्कूल सेल्फ-असेसमेंट एंड मॉनिटरिंग टेम्पलेट’ भरना होगा ।
27 मार्च तक की डेडलाइन तय
स्कूल प्रिंसिपलों और प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि डेटा अपडेट करने का पहला दौर 27 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए । इसके बाद, स्कूलों को हर तीसरे सप्ताह में इस डेटा को नियमित रूप से अपडेट करना होगा । इस डेटा के आधार पर विभाग और पीएमयू (PMU) की टीमें स्कूलों का दौरा करेंगी और जमीनी हकीकत का जायजा लेंगी ।
इन मानकों पर होगी स्कूलों की ग्रेडिंग:
· इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूल की इमारतों का रखरखाव और ढांचागत स्थिति ।
· उपकरण: लैब और वर्कशॉप में मशीनों की उपलब्धता और उनका उपयोग ।
· छात्र विकास: विद्यार्थियों की उपस्थिति, करियर काउंसलिंग और इंडस्ट्री एक्सपोजर ।
· शिक्षण: क्लासरूम में पढ़ाई का स्तर और शिक्षकों का प्रदर्शन ।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को निर्देश दिया है कि वे इस सर्कुलर को तुरंत अपने जिलों के संबंधित स्कूलों को भेजें और समय पर डेटा सबमिशन सुनिश्चित करें । विभाग का मानना है कि इस डेटा-संचालित दृष्टिकोण से स्कूलों को उनकी जरूरत के अनुसार विशिष्ट सहायता और संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।











