
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ महिला नेता नीति तलवाड़ ने स्थानीय गुड मंडी में महिलाओं की बैठक दौरान केंद्र की भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की मंशा वास्तव में महिलाओं को अधिकार देने की नहीं, बल्कि केवल चुनावी लाभ लेने की है।

नीति तलवाड़ ने प्रश्न करते हुए कहा कि आरक्षण के साथ ‘शर्तों’ का खेल क्यों?
नीति तलवाड़ ने पूछा कि जब सरकार को बिल पास करना ही था, तो इसके साथ परिसीमन (Delimitation) और जनगणना की शर्त क्यों जोड़ी गई? उन्होंने कहा, “देश की महिलाओं को बेवकूफ बनाया जा रहा है। सरकार बताए कि महिला आरक्षण और लोकसभा सीटों के बढ़ने (परिसीमन) का आपस में क्या संबंध है? क्या बिना सीटें बढ़ाए वर्तमान सीटों पर महिलाओं को 33% हक नहीं दिया जा सकता था? यह शर्त केवल इस ऐतिहासिक कदम को अनिश्चितकाल के लिए टालने की एक सोची-समझी साजिश है।” भाजपा की ‘कथनी और करनी’ के अंतर पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जो पार्टी देश में आरक्षण की बात कर रही है, वह पहले अपने घर में झांककर देखे।
भाजपा के वर्तमान मंत्रिमंडल में महिलाओं की संख्या कितनी है?
भाजपा ने अपने टिकट वितरण में कितने प्रतिशत महिलाओं को सांसद और विधायक बनाया है? सच्चाई यह है कि भाजपा का अपना सांगठनिक ढांचा महिला प्रतिनिधित्व के मामले में खोखला है। नीति तलवाड़ ने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की कद्दावर नेता वसुंधरा राजे का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनकी अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता केंद्र की नियत पर सवाल उठा रहे हैं, तो यह साफ है कि दाल में कुछ काला है। उन्होंने कहा, “जब राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री इस बिल की पेचीदगियों और लागू होने की समयसीमा पर सवाल खड़ी कर चुकी हैं, तो देश की जनता इस धोखे को कैसे स्वीकार कर ले?”यह महिला सशक्तिकरण नहीं, ‘चुनावी जुमला’ है।
अकाली दल की नेत्री ने अंत में कहा कि शिरोमणि अकाली दल हमेशा महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण का पक्षधर रहा है, लेकिन भाजपा सरकार ने इस बिल को एक “पोस्ट-डेटेड चेक” बना दिया है जिसका भुगतान कब होगा, किसी को नहीं पता। यह देश की करोड़ों महिलाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ और एक बड़ा राजनीतिक धोखा है। बैठक में कृष्णा थापर,सुनिता अटवाल,किरण हंस,शालू आडिया,शारदा रानी,सुनिता रानी,बंसो भट्टी,शिंदो देवी,रेनू देवी,संगीता मट्टू,मोना मट्टू,काजल आडिया,शावी मट्टू,रानी मट्टू, दीपिका आडिया, वंदना आदिया, बिंदिया आदिया, कमला आदिया, नेहा आदिया, सोनिया हंस, बेबी अटवाल व अन्य महिला नेत्रियां भी उपस्थित थी।












