
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), रिपोर्ट-नीरज धीमान। पंजाब सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। राज्य के ‘फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन’ (FDA) ने पूरे पंजाब में बच्चों को ‘एनर्जी ड्रिंक्स’ बेचने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है, जिसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

स्कूलों के आसपास ‘नो सेल जोन‘ घोषित
कमिश्नर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, पंजाब द्वारा जारी निषेधाज्ञा के अनुसार, अब स्कूलों की कैंटीन, टुक शॉप या किसी भी दुकान पर एनर्जी ड्रिंक नहीं बेचे जा सकेंगे। सरकार ने इसके लिए एक सुरक्षा घेरा निर्धारित किया है:
· ग्रामीण क्षेत्रों में: स्कूल परिसर के 100 मीटर के दायरे में बिक्री प्रतिबंधित है।
· शहरी क्षेत्रों में: स्कूल परिसर के 50 मीटर के दायरे में इन ड्रिंक्स की बिक्री पर रोक रहेगी।
यह पाबंदी 21 अप्रैल, 2026 से एक साल की अवधि के लिए लागू की गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सरकार के संज्ञान में आया था कि कई खाद्य व्यवसाय संचालक (FBO) बच्चों को धड़ल्ले से एनर्जी ड्रिंक्स बेच रहे हैं, जबकि इनके लेबल पर स्पष्ट रूप से लिखा होता है कि यह “बच्चों के लिए अनुशंसित नहीं है”। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन पेय पदार्थों में कैफीन की मात्रा बहुत अधिक (80 मिलीग्राम प्रति सर्विंग तक) होती है, जो बच्चों के तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को उत्तेजित करती है।
सेहत पर गंभीर खतरे
वैज्ञानिक अध्ययनों का हवाला देते हुए आदेश में कहा गया है कि एनर्जी ड्रिंक्स में मौजूद कैफीन, टॉरिन और ग्वाराना जैसे तत्व बच्चों के लिए हानिकारक हैं। इसके अधिक सेवन से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं:
· हृदय संबंधी रोग और धड़कन का बढ़ना।
· मानसिक और मनोवैज्ञानिक प्रभाव जैसे तनाव और अनिद्रा।
· गुर्दे (Renal) और पाचन तंत्र पर बुरा असर।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इन ड्रिंक्स से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।












