
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज), रिपोर्ट-नीरज धीमान। पंजाब राज्य के शिक्षा विभाग ने प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को आंकने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), पंजाब द्वारा ‘फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी’ (FLS) 2026 आयोजित की जा रही है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों की बुनियादी सीखने की क्षमता का विश्लेषण करना है।

7 मई को होगा सर्वेक्षण
परख (PARKH), NCERT के सहयोग से यह सर्वेक्षण पूरे पंजाब राज्य में 7 मई 2026 को आयोजित किया जाएगा। सर्वेक्षण के सुचारू संचालन के लिए शिक्षा विभाग ने विस्तृत रूपरेखा तैयार की है, जिसके तहत जिला शिक्षा अधिकारियों और डाइट (DIET) संस्थानों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिकारियों और जांचकर्ताओं का प्रशिक्षण
सर्वेक्षण को सफल बनाने के लिए दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा:
· राज्य स्तर: 4 मई 2026 को SCERT मोहाली में जिला स्तरीय समन्वयकों (DLC) की ट्रेनिंग हो चुकी है। इसमें सभी DRC (प्राइमरी) और डाइट द्वारा नामित समन्वयक भाग ले चुकें हैं।
· जिला स्तर: 6 मई 2026 को सभी जिलों की डाइट संस्थाओं में ‘फील्ड इन्वेस्टीगेटर्स’ को प्रशिक्षित किया जाएगा।
तकनीक का होगा इस्तेमाल
इस सर्वे में डेटा संकलन के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। जिला समन्वयकों को प्रशिक्षण के दौरान ही टैबलेट (Tablets) और सर्वे किट प्रदान किए जाएंगे। सुरक्षा के लिए हर जिले की डाइट में एक ‘डिस्ट्रिक्ट कस्टडी सेंटर’ या स्ट्रॉन्ग रूम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
बजट और प्रबंधन
विभाग ने इस कार्य के लिए कुल ₹8,37,740 का बजट आवंटित किया है। इसमें फील्ड इन्वेस्टीगेटर्स का मानदेय, स्टेशनरी, छपाई और चाय-पानी का खर्च शामिल है। लुधियाना, जालंधर और अमृतसर जैसे बड़े जिलों को उनकी छात्र संख्या और फील्ड इन्वेस्टीगेटर्स की संख्या के आधार पर अधिक राशि जारी की गई है।
सर्वेक्षण वाले दिन, यानी 7 और 8 मई को संबंधित स्कूलों को खुला रखने और तीसरी कक्षा के विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत हाजिरी सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।












