
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। अन-एडेड अध्यापक फ्रंट (एडेड स्कूल) पंजाब द्वारा आज एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता प्रदेश प्रधान निर्भय सिंह जहांगीर और प्रदेश उप-प्रधान सुखचैन सिंह जौहल ने की। इस बैठक में पंजाब फ्रंट के समूह जिला प्रधान शामिल हुए। आज की इस बैठक का मुख्य मुद्दा 4 जून की सब-कमेटी के साथ होने बाली बैठक संबंधी रणनीति बनाना था, जिसकी अध्यक्षता माननीय वित्त मंत्री स. हरपाल सिंह चीमा करेंगे। इस दौरान बैठक में अपनी मांगों संबंधी आवाज उठाने के बारे में और सरकार का इसके प्रति क्या रुख होगा, इस पर विचार-विमर्श किया गया। पंजाब में लगभग 469 एडेड स्कूल हैं जो गरीब परिवारों के हजारों बच्चों को पढ़ाकर उनका भविष्य संवार रहे हैं, परंतु ये अध्यापक जो कि मामूली तनख्वाहों पर सेवा निभा रहे हैं, उनका अपना भविष्य ही धुंधला नजर आ रहा है क्योंकि सरकार ने अब तक उनके प्रति नकारात्मक सोच ही अपनाई है। अब तक सरकार द्वारा बार-बार अन-एडेड अध्यापक फ्रंट को मांगों को मानने और लागू करने का विश्वास दिलाए जाने के बावजूद भी सेवा में लंबी उम्र बिता चुके अध्यापक अपने अधिकारों से वंचित हैं। आज की बैठक के मुद्दे पर चर्चा करते हुए फैसला किया गया कि इस बार सरकार को स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया जाएगा कि यदि सरकार फ्रंट की मांगों को अमली जामा पहनाती है तो बढ़िया होगा क्योंकि सरकार की टालमटोल की नीतियों के कारण पहले ही बहुत समय बर्बाद हो चुका है, इसलिए हम अब और सब्र नहीं कर सकते। माननीय चीमा साहब हमारे फ्रंट की मांगों से पहले ही अच्छी तरह वाकिफ हैं क्योंकि पिछले चार सालों से हमारी उनके साथ इस मसले के प्रति कई बैठकें हो चुकी हैं, इसलिए हमें इस बार पूर्ण आशा है कि माननीय चीमा साहब हमारे प्रति सहृदयता से सकारात्मक फैसला लेंगे। इसके बाद यह भी फैसला किया गया कि यदि फिर भी बैठक बेनतीजा रहती है, तो आने वाली 9 जून को मुख्यमंत्री आवास संगरूर की ओर कूच करके रोष प्रदर्शन कर धरना लगाया जाएगा और सरकार का कड़ा विरोध किया जाएगा, जिसके लिए पूरे पंजाब फ्रंट ने सहमति जताई और संघर्ष के लिए तैयार रहने का संकल्प लिया गया। आखिर में बैठक में हाजिर होने के लिए समूह जिला प्रधानों का निर्भय सिंह जहांगीर द्वारा धन्यवाद किया गया।













