
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब राज्य के युवा सेवा विभाग और पंजाब राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी के सहयोग से, युवा सेवा विभाग के सहायक निदेशक प्रीत कोहली के नेतृत्व में आज इंदर कुमार गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय परिसर, होशियारपुर में रेड रन मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन को मुख्य अतिथि, आईकेजीपीटीयू के नोडल अधिकारी, एनएसएस डॉ. कुलविंदर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेड रिबन क्लबों के 100 से अधिक स्वयंसेवकों ने इस 5 किलोमीटर की मैराथन में भाग लिया। इस अवसर पर छात्रों को संबोधित करते हुए प्रीत कोहली ने कहा कि युवा किसी भी देश की रीढ़ होते हैं। देश का भविष्य युवाओं के हाथों में है और उनका शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में, नशाखोरी और एड्स जैसी गंभीर चुनौतियों से बचाव के लिए जागरूकता सबसे शक्तिशाली हथियार है। आईकेजीपीटीयू के नोडल अधिकारी, एनएसएस डॉ. कुलविंदर सिंह ने ने युवा सेवा विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां निरंतर जारी रहनी चाहिए ताकि युवाओं को एड्स जैसी भयावह बीमारी से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता जागरूकता है।

जागरूकता के माध्यम से ही हम स्वयं को और समाज को स्वस्थ रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के जागरूकता अभियान जारी रहने चाहिए। मैराथन के विजेताओं को नकद पुरस्कार दिए गए। लड़कियों की श्रेणी में जीटीबी खालसा कॉलेज, दसुहा की मनदीप कौर ने प्रथम स्थान, ज्ञानी करतार सिंह मेमोरियल गवर्नमेंट कॉलेज, टांडा की सिमरन ने द्वितीय स्थान और बाबा औगर श्री फतेह नाथ जी गर्ल्स कॉलेज, जैजो दोआबा की अर्पिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। लड़कों की श्रेणी में रायत बहरा विश्वविद्यालय के हर्षदीप सिंह ने प्रथम स्थान, गवर्नमेंट कॉलेज, होशियारपुर के राम सिंह ने द्वितीय स्थान और पान जगत राम गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, होशियारपुर के तुषार जुमल सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को क्रमशः 4,000 रुपये, 3,000 रुपये और 2,000 रुपये के पुरस्कार दिए गए। इस अवसर पर कुलविंदर सिंह, प्रोफेसर अनुकाशा और डॉ. गगनदीप कौर विशेष रूप से उपस्थित थे। कुलविंदर सिंह ने अपने कुशल नेतृत्व से इस मिनी मैराथन को सफल बनाया। इस अवसर पर जिला खेल अधिकारी द्वारा भेजे गए एथलेटिक कोच बलबीर सिंह के नेतृत्व वाली टीम का प्रदर्शन सराहनीय रहा। उन्होंने बड़ी मेहनत से ये परिणाम हासिल किए।












