
हिमाचल (द स्टैलर न्यूज़)। पंजाब के होशियारपुर जिले की गढ़शंकर तहसील के गांव गज्जर मदूद में हुए खूनी संघर्ष में घायल ऊना के गांव बोलेवाल के रहने वाले 52 साल के असमल खान की PGI चंडीगढ़ में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद बुधवार को इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। गुस्साए परिवार वालों और गांव वालों ने मृतक के शव को पॉलीथीन बैरियर पर रखकर सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस के खिलाफ नारे लगाए और मामले में नामजद लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सड़क जाम होने से पंजाब से हिमाचल प्रदेश जाने वाला ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह प्रभावित रहा।

पंजाब पुलिस प्रशासन ने एक सप्ताह का समय मांगा है और कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया है। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहां से हट गए हैं। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही हरोली के डीएसपी मोहन रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। एसएचओ अनूप भी पुलिस बल के साथ स्थिति संभालने में जुटे रहे। वहीं, पंजाब पुलिस के अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुंचे। दोनों राज्यों की पुलिस की मौजूदगी में परिजनों और ग्रामीणों को समझाने तथा स्थिति सामान्य बनाने के प्रयास किए गए।
जानकारी के अनुसार, बोलेवाल निवासी असमल खान और बलबीर खान 24 अक्टूबर को पंजाब के गज्जर मदूद गए थे। बताया जा रहा है कि हुसन लाल, नानका मेल और करनैल खान दोनों को गज्जर मदूद स्थित एक घर में लेकर गए थे। वहां कुछ युवकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते पिटाई में बदल गई। इस घटना में असमल खान और बलबीर खान घायल हो गए थे।
असमल खान के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया था, जहां 2 नवंबर को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, घायल बलबीर खान को ऊना अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। मृतक के स्वजन का आरोप है कि दोनों पर तेजधार हथियारों से हमला किया गया था। स्वजन ने मामले में नामजद लोगों के खिलाफ कार्रवाई में देरी को लेकर पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जब तक आरोपितों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।












