
जालंधर ( द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट: अभिषेक कुमार। आर्थिक संकट झेल रही पंजाब रोडवेज की तरफ से जालंधर बस स्टैंड पर अपने टाइम पर निजी बसों को रवाना करने का गड़बड़झाला सामने आ रहा है। कर्मचारियों की कमी के कारण पंजाब रोडवेज अपनी पूरी बसों को रूट पर रवाना नहीं कर पा रही है। हालांकि रवाना न हो पा रही बसें बकायदा तौर पर टाइम टेबल में शामिल हैं। रवाना न होने वाली बसों के टाइम पर निजी बसें रवाना होती हैं और लंबे समय तक बस स्टैंड के काउंटर पर खड़ी रह कर यात्री बिठाती हैं।पंजाब रोडवेज के बेड़े में 1889 बसें शामिल हैं। पंजाब रोडवेज के पास 54 वोल्वो भी है। कर्मचारियों की कमी के कारण पंजाब रोडवेज प्रदेश भर में 550 के लगभग बसें संचालित ही नहीं कर पा रही हैं। अगर एक बस के रोजाना न्यूनतम चार टाइम भी गिने जाएं तो रोजाना लगभग 2000 टाइम पंजाब रोडवेज मिस कर रही है, लेकिन बस स्टैंडों पर लगातार निजी बसें काउंटर पर लगी हुई देखी जा सकती हैं।

इस गड़बड़झाले से पंजाब रोडवेज के अधिकारी एवं कर्मचारी भी भलीभांति परिचित हैं। निजी आपरेटर रोडवेज के टाइम में चांदी कूट रहे हैं। हालांकि पंजाब रोडवेज के ही कुछ कर्मचारी दबी जुबान अधिकारियों पर रोडवेज के टाइम निजी आपरेटरों को बेच देने के आरोप भी लगा रहे हैं।पनबस के डायरेक्टर आपरेशंस परनीत सिंह मिन्हास ने टाइम बेचने के लगे आरोप को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि रोडवेज बसों की टाइमिंग को लेकर जीपीएस के जरिए पूरी नजर रखी जा रही है। रोडवेज के पास मिस होने वाले टाइम की भी पूरी जानकारी रहती है। बावजूद इसके अगर किसी निजी आपरेटर की बस को निर्धारित समय से ज्यादा समय तक काउंटर पर खड़ा रखा जा रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। संबंधित काउंटर के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई भी होगी।












