
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। करीब 10 साल पहले बच्चों की एफडी तुड़वाकर और अपने नजदीकियों से नकद रुपये लेकर मैंने यह सोचकर एक प्लाट लिया था कि जमीन की कीमत बैंक के ब्याज एवं अन्य इनवैस्टमैंट के मुकाबले अधिक बढ़ती है, जिससे वह रुपया बच्चों की पढ़ाई एवं उनका भविष्य संवारने में काम आएगी। लेकिन उन्हें क्या पता था कि वह जिस व्यक्ति से प्लाट ले रहे हैं वह उनके साथ ठगी मारने वाला है। यह कहना है सुशील कुमार निवासी आकाश नगर का। उन्होंने भरे मन से बताया कि उन्होंने 2015 में प्रापर्टी डीलर कृष्ण बग्गा पुत्र दीपक बग्गा निवासी बीरबल नगर से करीब 10 मरले का प्लाट नलोईयां चौक के समीप खरीदा था।

एसएसपी को शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने की लगाई गुहार
जिसकी पेमैंट उन्होंने 5-5 लाख के दो चैक एवं 10 लाख रुपये कैश के रुप में उसे एक गवाह के सामने दिया था। जिस संबंधी उसने उनके साथ फुल एवं फाइनल पेमैंट का एग्रीमेंट किया था व पावर आफ अटार्नी दी थी। इसके बाद उन्होंने अपने प्लाट को कवर करने के लिए वहां पर पिल्लर लगा दिए थे। सुशील ने बताया कि प्लाट की रजिस्ट्री करवाने के लिए जब वह पटवारी के पास कागजात बनवाने के लिए गए तो पटवारी ने उन्हें बताया कि इसमें तो उनका हिस्सा ही नहीं है तथा जब उन्होंने बग्गा से बात की तो वह टालमटोल करने लगा। जब उसने प्लाट नहीं दिया तो उन्होंने उससे अपने पैसे वापिस मांगे तो पहले तो वह उन्हें टरकाता रहा लेकिन बाद में उन्हें धमकियां देने लगा। जिस पर उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत दी। जिसके बाद पुलिस भी उसके घर गई, पर वह घर पर मिलता ही नहीं था। जबकि वह शहर में ही घूमता था। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं की, जिसके बाद उन्होंने एक बार फिर पुलिस को शिकायत दी, जिस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बग्गा बहुत ही शातिर व्यक्ति है और वह पुलिस को चकमा देने में माहिर है। सुशील कुमार ने बताया कि उन्होंने इंसाफ की उम्मीद में एक बार फिर पुलिस को शिकायत दी है तथा उन्हें आशा है कि एसएसपी संदीप मलिक से उन्हें इंसाफ जरुर मिलेगा। उन्होंने पुलिस से अपील की कि आरोपी पर मामला दर्ज कर उन्हें उनका प्लाट या रुपये वापिस दिलवाए जाएं।
इस संबंधी कृष्ण बग्गा से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन व्यस्त आता रहा, लेकिन बाद में उन्होंने अन्य नंबर से फोन करके बात कर कहा कि कोई नहीं अदालत में देख लेंगे, आप मेरे वकील से बात कर लें।












