Tuesday, October 20, 2026
Home Hoshiarpur शिक्षा विभाग में एक पेड़ मां के नामः सिर दर्द नहीं बना...

शिक्षा विभाग में एक पेड़ मां के नामः सिर दर्द नहीं बना कमर का दर्द, पुरानी फोटो ही अपलोड कर दो

होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। वातावरण को हरा भरा करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा एक पेड़ मां के नाम से अभियान शुरु किया गया है तथा इसमें हर विभाग को पेड़ लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जिसके तहत लगभग सभी विभागों ने अपना लक्ष्य पूरा करते हुए एक पेड़ मां के नाम लगाकर रिपोर्ट अपने ऊपर के अधिकारियों को भेज दी है, लेकिन शिक्षा विभाग के लिए यह अभियान सिर दर्द नहीं बल्कि कमर का दर्द बनता नज़र आ रहा है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार मिले टारगेट से काफी पीछे चल रहे शिक्षा विभाग की हालत यह है कि लक्ष्य पूरा करने के लिए अधिकारियों को अपने निम्न अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पुरानी फोटो अपलोड करके किसी न किसी तरह से लक्ष्य तक पहुंचने की कवायद करने हेतु निर्देश जारी किए जा रहे हैं। अगर शिक्षा विभाग का यह हाल है तो आसानी से समझा जा सकता है कि अन्य विभागों ने लक्ष्य की प्राप्ति कैसे की होगी।

Advertisements

विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार विभाग के एक बड़े अधिकारी द्वारा अपने आधीन अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि जल्द से जल्द एक पेड़ मां के नाम का लक्ष्य प्राप्त करने हेतु मुहिम में तेजी लाई जाए और पुराने फोटो अपलोड करके आंकड़ा बढ़ाया जाए ताकि इसकी कमी से पैदा होने वाले संभावित खतरे यानि कि विभागीय कार्यवाही से बचा जा सके। सरकार द्वारा इस अभियान के तहत विभागों को खासकर शिक्षाविभाग को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन निर्देश जारी करने वाले उच्चाधिकारियों ने यह नहीं सोचा कि जिनके पास जगह है वह तो पेड़ लग लेंगे, लेकिन जिनके पास जगह नहीं है वह पेड़ क्या स्कूल या घर की छतों पर लगाएंगे। जिसके चलते बहुत सारे स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने गांव या शहीर क्षेत्र में खाली पड़ी जगह पर पेड़ तो लगाए, लेकिन लक्ष्य की प्राप्त करने से इसलिए चूक गए, क्योंकि उनके पास पेड़ लगाने के लिए जगह ही नहीं बची। इसके चलते लक्ष्य की प्राप्ति से चूक संभव है।

सूत्रों की मानें तो इस अभियान के तहत अधिकारी वर्ग पर इतना दवाब है कि उनके लिए जैसे तैसे लक्ष्य की प्राप्ति ही एक मात्र साधन बचा है। जिसके चलते उनके द्वारा अपने अधीन अधिकारियों को जैसे तैसे फोटो अपलोड करके जान बचाने की बात कही जा रही है। जिनके पास जगह है वह तो कर रहे हैं, अन्यों के लिए यह सिर का दर्द अब कमर का दर्द बना चुका है तथा एक अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों की आडीयो भी काफी वायरल हो रही है। अब देखना यह होगा कि इस अभियान को लेकर विभाग में पैदा हुई यह समस्या कैसे खत्म होती है और उच्चाधिकारियों का इसे लेकर क्या रुख रहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here