
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। नशा-मुक्त पंजाब के निर्माण के लिए यदि कोई सशक्त, प्रभावी एवं व्यावहारिक विकल्प है, तो वह केवल आर्य वीर दल है। यह बात आज पंजाब प्रांतीय आर्य वीर दल आवासीय शिविर के समापन समारोह के अवसर पर आर्य वीर दल पंजाब प्रांत के संचालक डॉ. उदयन आर्य ने कहे वे शिविर के समापन समारोह में उपस्थित आर्य वीरों को संबोधित कर रहे थे। डॉ. उदयन आर्य ने कहा कि पंजाब गुरुओं की पावन धरती है। इसी भूमि से ज्ञान-विज्ञान का प्रचार-प्रसार न केवल भारत में, बल्कि पूरे विश्व में हुआ है। इस गौरवशाली परंपरा को बनाए रखने के लिए आज आवश्यकता है कि युवाओं को सक्रिय किया जाए, उन्हें प्रेरणा दी जाए और संस्कारों से जोड़ा जाए। जब युवा सशक्त होंगे, तभी नशा-मुक्त, सशक्त और समृद्ध पंजाब का निर्माण संभव होगा। ध्यातव्य है कि आर्य वीर दल का यह आवासीय शिविर 26 दिसंबर 2025 को एस.वी.एन. डी.ए.वी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पंडोरी लमीन, जिला होशियारपुर में प्रारंभ हुआ तथा इस शिविर का समापन 2 जनवरी 2026 को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ।

इस शिविर में पंजाब प्रांत के 6 जिलों—होशियारपुर, कपूरथला, चंडीगढ़, पठानकोट, जालंधर आदि से कुल 120 आर्य वीरों ने सहभागिता की। इस अवसर पर आर्य वीर दल पंजाब प्रांत के महामंत्री राहुल आर्य ने शिविर का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि शिविर के दौरान आर्य वीरों के शारीरिक, बौद्धिक एवं चारित्रिक विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने एस.वी.एन. डी.ए.वी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पंडोरी लमीन के प्रबंधन, प्रधानाचार्य, समस्त अध्यापकों एवं कर्मचारियों का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने भोजन, आवास एवं अन्य सभी व्यवस्थाएँ अत्यंत उत्तम रूप से कीं, जिसके लिए आर्य वीर दल पंजाब प्रांत हार्दिक आभार व्यक्त करता है। कार्यक्रम में आर्य वीर हर्ष पठानिया, गगन आर्य, ईस्मिथ सिंह सहित अनेक आर्य वीरों ने अपने अनुभव साझा किए।
पठानकोट से आए एक शिविरार्थी ने बताया कि इस शिविर में उन्होंने उत्तम स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए निरंतर अभ्यास किया तथा योग, ध्यान, जूडो एवं कराटे का प्रशिक्षण प्राप्त किया, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। चंडीगढ़ से आए पेशेवर अधिवक्ता शुभम शर्मा ने कहा कि वे पिछले दो वर्षों से आर्य वीर दल से जुड़े हुए हैं। आर्य वीर दल ने उन्हें जीवन को सही दिशा देने की प्रेरणा दी है और वे निरंतर इससे मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं। समापन समारोह में विद्यालय के निदेशक चैन सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि वे उन सभी माता-पिता के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने कठोर शीतकालीन परिस्थितियों के बावजूद अपने बच्चों को इस शिविर में भेजा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यह विद्यालय आर्य वीर दल के रचनात्मक एवं राष्ट्रनिर्माण से जुड़े कार्यों में निरंतर सहयोग करता रहेगा तथा सभी को आर्य वीर दल से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि के रूप में पधारे गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर (जालंधर) के प्रधान एवं ट्रस्ट प्रधान ध्रुव कुमार मित्तल ने कहा कि गुरुकुल अपने विद्यार्थियों के साथ-साथ समाज के अन्य विद्यार्थियों को भी प्रशिक्षण देने का कार्य करता है।
इस बार गुरुकुल ने गुरुकुल से बाहर निकलकर यह दायित्व निभाया है। इसके लिए उन्होंने प्रांतीय संचालक डॉ. उदयन आर्य एवं आर्य वीर दल के समस्त पदाधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। शिविर के दौरान बौद्धिक सत्रों का भी आयोजन किया गया, जिसमें आचार्य सानन्द जी, आचार्य सुफल शास्त्री जी सहित अनेक विद्वानों ने आर्य वीरों को उद्बोधन प्रदान किया। इस अवसर पर आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब के वेद प्रचार अधिष्ठाता कमल आर्य एवं उपप्रधान सुदेश आर्य विशेष रूप से उपस्थित रहे। आर्य प्रतिनिधि सभा पंजाब की ओर से ₹31,000 का आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया तथा भविष्य में ऐसे शिविरों को निरंतर आयोजित करने की योजना पर बल दिया गया।
समापन समारोह के अवसर पर आर्य वीरों द्वारा सर्वांग सुंदर व्यायाम, जूडो-कराटे, लेजियम, डंबल, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार सहित विभिन्न योगासनों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसे देखकर उपस्थित जनसमूह ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। इस अवसर पर आर्य समाज पठानकोट, आर्य समाज बंगा रोड फगवाड़ा, आर्य समाज जालंधर सहित अनेक संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। व्यायाम शिक्षकों के रूप में कनिष्क आर्य, करण आर्य एवं आयुष आर्य ने विशेष सहयोग प्रदान किया। इसके अतिरिक्त फतेहगढ़ साहिब, चंडीगढ़ सहित विभिन्न जिलों के आर्य वीर दल के जिला संचालक, विद्यालय की प्रिंसिपल, समस्त अध्यापक-अध्यापिकाएँ एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
अंत में एस.वी.एन. डी.ए.वी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पंडोरी लमीन के प्रधानाचार्य, विद्यालय प्रबंधन, समस्त स्टाफ तथा सभी दानी महानुभावों के प्रति आर्य वीर दल पंजाब प्रांत की ओर से हार्दिक धन्यवाद एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई, जिनके सहयोग से यह शिविर पूर्ण रूप से सफल हो सका।












