
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। भाजपा प्रदेश सचिव मीनू सेठी ने होशियारपुर नगर निगम में की गई नई वार्डबंदी को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार, होशियारपुर के विधायक और नगर निगम के मेयर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह वार्डबंदी पूरी तरह से नियमों, शर्तों और लोकतांत्रिक मूल्यों को दरकिनार कर की गई है। यह प्रक्रिया जनता की सहमति से नहीं, बल्कि सत्ता के नशे में चूर होकर अपने चहेतों को खुश करने के लिए की गई है।

मीनू सेठी ने आरोप लगाया कि वार्डबंदी करते समय जनसंख्या संतुलन, भौगोलिक स्थिति और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। कई वार्डों को जानबूझकर इस तरह से तोड़ा-मरोड़ा गया है कि आम आदमी पार्टी के समर्थकों को सीधा लाभ मिल सके। यह साफ दर्शाता है कि आम आदमी पार्टी की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है।अपनी हार को देखकर आप नेताओं ने मनमाने ढंग से वार्डबंदी करवाई है और नियमों को छींके पर टांग दिया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा “ईमानदार राजनीति” की बात करती है, लेकिन होशियारपुर में की गई वार्डबंदी उसकी धक्केशाही और तानाशाही मानसिकता का जीता-जागता उदाहरण है। विधायक और मेयर ने मिलकर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है और नगर निगम को अपनी निजी जागीर समझ लिया है।
भाजपा प्रदेश सचिव ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता को धोखा दिया है। वार्डबंदी की प्रक्रिया में न तो जनता की आपत्तियों को गंभीरता से सुना गया और न ही पारदर्शिता बरती गई। यह पूरी कवायद सत्ता को बचाने और चुनावी गणित साधने के लिए की गई है, न कि शहर के विकास के लिए।
मीनू सेठी ने चेतावनी दी कि भाजपा इस अन्यायपूर्ण और पक्षपातपूर्ण वार्डबंदी को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। यदि जल्द ही इस वार्डबंदी की समीक्षा कर इसे निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से ठीक नहीं किया गया, तो भाजपा सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगी।
उन्होंने अंत में कहा कि भाजपा लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आम आदमी पार्टी की इस तानाशाही नीति का डटकर विरोध करती रहेगी।












