
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। पूर्व कैबिनेट मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद द्वारा जारी प्रेस नोट में पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रतिवद्धता के पोल खोलते हुए कहा है की आम आदमी पार्टी जो कि अन्ना हज़ारे के आंदोलन में से पैदा हुई थी, उसकी मांगो में मुख्य मांग जन लोकपल की नियुक्ति करने की थी ताकि सरकारी तथा प्रशासिनक तौर पर हो रहे व्यापक भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जा सके। लेखनीय है कि उस काल खंड में केंद्र तथा प्रदेशों में कांग्रेस की सरकारों के नित नए स्कैंडल सामने आ रहे थे। इसलिए देश की जनता ने कांग्रेस के खिलाफ तो फतवा दिया ही परन्तु आम आदमी पार्टी को दिल्ली प्रदेश की सत्ता इस आशा से सौंप दी कि एक स्वच्छ प्रशासन की नई शुरुआत हो सके।

उन्होंने कहा कि न ही दिल्ली में लोकपाल की नियुक्ति हुई तथा भ्रष्टाचाररहित प्रशासन देने के वायदे के उल्ट पंजाब में तो सरकार को परवाह ही नहीं है की लोकपाल की नियुक्ति करनी भी है। उन्होंने कहा कि 8 अक्टूबर 2025 से पड़े खाली इस पद के लिए अब माननीय हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करके नियुक्ति करवाने की आवश्यकता पड़ गई है जो कि आम आदमी पार्टी के लिये शर्म की बात है। माननीय हाई कोर्टने भी इसका सख्त संज्ञान लेते हुए सरकार को नोटिस भेज दिया है । उन्होंने कहा कि वेयर हाउस कार्पोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या के कारणो जैसे कई मामले लोकपाल के संज्ञान में लाए जा सकते थे,जिनमे सरकार के विधायक मंत्री व बड़े अधिकारी भागीदार है। लोकपाल की नियुक्ति न होने से भ्रष्ट राजनायकों तथा अधिकारिओं को खुली छूट मिली हुई थी। जो कि मान सरकार के माथे पर कलंक है।












