
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन (जी.टी.यू.) पंजाब ने पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि अध्यापक तबादला प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले शिक्षकों को आ रही सभी तकनीकी, प्रशासनिक और नीतिगत समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।इस संबंध में जी.टी.यू. जिला होशियारपुर के अध्यक्ष प्रितपाल सिंह चौटाला और जिला महासचिव जसवीर तलवाड़ा ने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षक मिसमैच डेटा, डीडीओ अप्रूवल और पोर्टल संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अनेक शिक्षकों के सेवा रिकॉर्ड, अनुभव, कैडर और अन्य विवरणों में त्रुटियां हैं, जबकि कई शिक्षकों का डेटा अभी तक डीडीओ द्वारा अप्रूव नहीं किया गया है। इन समस्याओं का समाधान किए बिना तबादला प्रक्रिया को आगे बढ़ाना हजारों शिक्षकों के साथ अन्याय होगा।यूनियन ने मांग की कि इन सभी मामलों का तुरंत निपटारा किया जाए और उसके बाद ही स्टेशन चयन प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके साथ ही स्टे (Stay) संबंधी पात्रता शर्तों में भी व्यावहारिक संशोधन किया जाए।

इस अवसर पर जिला प्रधान प्रितपाल सिंह चौटाला ने मांग की कि 30 जून 2026 तक सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, इस्तीफे या अन्य कारणों से रिक्त हुई सभी पदों को ई-पंजाब पोर्टल पर अपडेट कर प्रदर्शित किया जाए, ताकि शिक्षकों को उपलब्ध सभी स्टेशनों की जानकारी मिल सके और तबादला प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बन सके।उन्होंने कहा कि एस.आई.आर.-2026 के दौरान बी.एल.ओ. और सुपरवाइजर के रूप में चुनावी ड्यूटी निभा रहे शिक्षकों को तबादला प्रक्रिया से बाहर रखना पूरी तरह अनुचित है। ये शिक्षक अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ-साथ चुनाव आयोग की अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी निभा रहे हैं। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि चुनावी ड्यूटी निभा रहे शिक्षकों के साथ इस प्रकार का भेदभाव किया गया तो भविष्य में कोई भी शिक्षक बी.एल.ओ. या अन्य चुनावी ड्यूटियां निभाने के लिए तैयार नहीं होगा, जिसका नकारात्मक प्रभाव चुनाव प्रक्रिया पर पड़ेगा।जिला महासचिव जसवीर तलवाड़ा ने सुझाव दिया कि शिक्षा विभाग और चुनाव आयोग आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से ऐसा व्यावहारिक और न्यायपूर्ण समाधान निकालें, जिसके तहत चुनावी ड्यूटी निभा रहे शिक्षकों के तबादले भी किए जा सकें।
यदि किसी शिक्षक का तबादला होता है तो एस.आई.आर.-2026 का कार्य पूरा होने तक उसे पुराने स्टेशन पर डेपुटेशन के आधार पर बी.एल.ओ. ड्यूटी निभाने के लिए भेजा जा सकता है। इससे चुनावी कार्य भी प्रभावित नहीं होगा और शिक्षकों के तबादले का अधिकार भी सुरक्षित रहेगा।यूनियन नेताओं ने सरकार से मांग की कि सभी शिक्षकों को समान अवसर दिए जाएं और चुनावी ड्यूटी निभा रहे शिक्षकों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों की जायज़ मांगों की अनदेखी की गई तो यूनियन शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करने को मजबूर होगी।इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा संजीव धूत, रजत महाजन, अमर सिंह, विकास शर्मा, सुनील शर्मा, वरिंदर विक्की, नरेंद्र अजनोहा, प्रिंस पलियाल गढ़दीवाला, परमजीत कातिब, जसविंदर बुल्लोवाल, सचिन कुमार, मनजीत सिंह, जसवंत सिंह, परस राम, बलविंदर टांक , सतीश कुमार, राज कुमार, नरेंद्र मंगल, राजेश अरोड़ा, जसवीर बोदल, उमेश कुमार, अमरजीत सिंह, पवन कुमार, तिलक राज, परमजीत नारंग,चमन लाल, रजिंदर कुमार, रणवीर सिंह, शाम सुंदर, अश्विनी राणा, सरबजीत सिंह, नरेश मिड्डा तथा दविंदर मूनक आदि उपस्थित थे।












