
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़), रिपोर्ट- नीरज धीमान। भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने एक बेहद सकारात्मक कदम उठाते हुए ‘नमस्ते’ योजना के तहत प्रमाणित सफाई कर्मचारियों के बच्चों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से जोड़ने के निर्देश जारी किए हैं। यह अहम फैसला विशेष रूप से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले कर्मचारियों तथा कचरा बीनने वालों के परिवारों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए लिया गया है।

मंत्रालय के अनुसार, अब तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले लगभग 90,000 सीवर तथा सेप्टिक टैंक कर्मचारियों और 2,50,000 से अधिक कचरा बीनने वालों का प्रमाणीकरण किया जा चुका है। योजना के अगले चरण में इस सुविधा का विस्तार ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ नाला सफाई कर्मचारियों के लिए भी किया जा रहा है। नमस्ते योजना का एक प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन कर्मचारियों के बच्चों को बिना किसी रुकावट के शिक्षा के लिए मंत्रालय की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ मिल सके।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पात्र बच्चों के आंकड़े भेजे हैं ताकि उन्हें इस छात्रवृत्ति योजना से सीधे तौर पर जोड़ा जा सके। पंजाब राज्य में इस पर तेजी से काम शुरू हो गया है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, होशियारपुर के जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी सरकारी और निजी स्कूलों के मुखियों को पात्र विद्यार्थियों की एक विशेष सूची भेजी है।
सभी स्कूलों को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपने स्तर पर सूची में शामिल विद्यार्थियों की जांच करें। यदि कोई भी छात्र या छात्रा प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तय नियमों के अनुसार अपनी योग्यता पूरी करता है, तो शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए उनका आवेदन अनिवार्य रूप से करवाया जाए। इसके साथ ही, केंद्र स्तर पर एक ऐसी प्रणाली विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है जिससे योग्य बच्चों की आसानी से पहचान हो सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र बच्चा इस महत्वपूर्ण शिक्षा लाभ से वंचित न रहे।












