
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ वर्तमान समय में आवश्यक व्यावहारिक एवं प्रोफेशनल कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से नाइस कंप्यूटर्स ने एक नई पहल “स्किल सैटरडे” की शुरुआत की है। इस श्रृंखला के अंतर्गत प्रत्येक शनिवार इंडस्ट्री के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों को वर्तमान समय में आवश्यक एवं मांग वाले कौशलों के बारे में जानकारी और प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्किल सैटरडे का पहला सत्र आज नाइस कंप्यूटर्स में आयोजित किया गया। आज के सत्र का विषय “मास्टर योर सेल्फ-इंट्रोडक्शन – 60 सेकंड्स दैट कैन चेंज योर करियर” रहा। यह सत्र नाइस कंप्यूटर्स के सभी विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह निःशुल्क रखा गया।

इस अवसर पर नाइस कंप्यूटर्स के सेंटर मैनेजर मिथुन ठाकुर ने कहा कि ज्ञान और कौशल दो अलग-अलग चीजें हैं। ज्ञान हमें किसी विषय के बारे में जानकारी देता है, जबकि कौशल उस ज्ञान को वास्तविक जीवन में प्रभावी ढंग से प्रयोग करने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि सही कौशल व्यक्ति को अपने चुने हुए क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने और सफलता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करता है। स्किल सैटरडे के प्रथम सत्र का संचालन मीनाक्षी मेनन द्वारा किया गया। मेनन पिछले 37 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे सीबीटी थेरेपिस्ट होने के साथ-साथ 30 वर्षों से अधिक समय से कम्युनिकेशन कोच के रूप में भी कार्य कर रही हैं।
सत्र के दौरान मीनाक्षी मेनन ने विद्यार्थियों को प्रभावी सेल्फ-इंट्रोडक्शन देने के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति से पहली मुलाकात में अपना परिचय किस प्रकार आत्मविश्वास और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाए। विद्यार्थियों को वर्बल और नॉन-वर्बल कम्युनिकेशन, बॉडी लैंग्वेज, वॉइस मॉड्यूलेशन, कॉन्फिडेंस और प्रभावी प्रस्तुति के महत्व के बारे में भी समझाया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि सेल्फ-इंट्रोडक्शन केवल अपना नाम, शिक्षा और जानकारी बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और संवाद करने की क्षमता को प्रस्तुत करने का अवसर भी होता है। विशेष रूप से इंटरव्यू, कॉलेज प्रेजेंटेशन, नई नौकरी या किसी प्रोफेशनल मीटिंग के दौरान प्रभावी परिचय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न गतिविधियों और संवाद के माध्यम से सेल्फ-इंट्रोडक्शन को बेहतर बनाने के तरीके सीखे। विशेषज्ञ के अनुभव से सीधे सीखने का यह अवसर विद्यार्थियों के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहा। कार्यक्रम के अंत में मिथुन ठाकुर ने मीनाक्षी मेनन का विद्यार्थियों के साथ अपना बहुमूल्य अनुभव और ज्ञान साझा करने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के लिए भी उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि स्किल सैटरडे की यह श्रृंखला नाइस कंप्यूटर्स के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क जारी रहेगी। नाइस कंप्यूटर्स की टीम एवं प्रबंधन लगातार इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों और उपयुक्त संसाधनों की तलाश कर रहे हैं, ताकि विद्यार्थियों के जीवन में नए और उपयोगी कौशल जोड़े जा सकें तथा उन्हें भविष्य की प्रोफेशनल आवश्यकताओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके। स्किल सैटरडे के माध्यम से नाइस कंप्यूटर्स का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसे व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना है, जिन्हें वे अपने करियर और दैनिक जीवन में प्रभावी रूप से उपयोग कर सकें।











