
होशियारपुर (द स्टैलर न्यूज़)। गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन पंजाब, जिला होशियारपुर के जिला प्रधान प्रितपाल सिंह चौटाला और जिला महासचिव जसवीर तलवाड़ा ने पंजाब सरकार और शिक्षा विभाग द्वारा प्राइमरी से मास्टर कैडर की पदोन्नति के दौरान शिक्षकों से स्टेशन चयन न करवाने के फैसले पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे शिक्षकों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करार दिया है।यूनियन नेताओं ने कहा कि पदोन्नति एक अधिकार है, लेकिन पदोन्नत होने वाले शिक्षकों को उपलब्ध रिक्त पदों में से वरिष्ठता के अनुसार अपनी पसंद का स्टेशन चुनने का अवसर न देना पूरी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाता है।इस अवसर पर बोलते हुए जिला प्रधान प्रितपाल सिंह चौटाला ने कहा कि यदि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को स्टेशन चयन का अवसर नहीं दिया जाता तो इससे पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की पदोन्नति से संबंधित प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और मेरिट आधारित होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा रिक्त पदों की स्पष्ट सूची जारी करके पदोन्नत होने वाले शिक्षकों से उनकी पसंद के स्टेशनों का चयन करवाया जाना चाहिए। इससे न केवल शिक्षकों को उनके अधिकार मिलेंगे, बल्कि पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।जिला महासचिव जसवीर तलवाड़ा ने कहा कि सरकार द्वारा एक तरफ शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधारों के दावे किए जा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ शिक्षकों की पदोन्नति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में स्टेशन चयन का अधिकार न देना इन दावों पर सवाल खड़े करता है।उन्होंने कहा कि शिक्षकों की इच्छा के बिना विभाग द्वारा मनमाने ढंग से स्टेशन आवंटित किए जाने से शिक्षक वर्ग में बेचैनी का माहौल है और वे पदोन्नति के नाम पर स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं, क्योंकि विभाग ने पंजाब में शिक्षा के इतिहास में पहली बार शिक्षकों को अपनी पसंद के स्टेशन का चयन करने का अवसर दिए बिना दूसरे ज़िलों में 100-100 किलोमीटर दूर स्टेशन अलाट कर पदोन्नतियां कर दी हैं, जोकि गलत है।यूनियन ने मांग की कि पदोन्नति से पहले सभी रिक्त पदों की सूची सार्वजनिक की जाए और शिक्षकों से स्टेशन चयन करवाने के बाद ही स्टेशन आवंटित किए जाएं। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विभाग और सरकार ने इस मामले में तुरंत पारदर्शी नीति अपनाकर शिक्षकों को स्टेशन चयन का अवसर नहीं दिया तो गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन पंजाब इस मामले को संगठनात्मक स्तर पर जोरदार ढंग से उठाएगी। यूनियन ने कहा कि शिक्षकों की पदोन्नति में किसी भी प्रकार की मनमानी या अपारदर्शिता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और शिक्षा विभाग को हर स्तर पर जवाबदेह बनाया जाएगा।
इस अवसर पर अन्य लोगों के अलावा संजीव धूत, सुनील शर्मा, प्रिंस पलियाल गढ़दीवाला, विकास शर्मा नसराला , रजत महाजन, लेक्चरर अमर सिंह, वरिंदर विक्की, नरेंद्र अजनोहा, अश्वनी राणा, रणवीर सिंह, परमजीत कातिब, नरेंद्र मंगल, सरबजीत सिंह, सतीश कुमार, सतविंदर सिंह माहिलपुर, जसविंदर बुल्लोवाल, उमेश कुमार, लेक्चरर पवन गोयल, अमरजीत सिंह, नरेश मिड्डा, मनजीत सिंह बॉबी, गुरदीप सिंह खु्ण-खुण, मनजिंदर सिंह ढांडा, संदीप कुमार, अशोक कुमार, जसवंत सिंह, सचिन कुमार, राजेश अरोड़ा, बलविंदर टांक, परस राम, मनजीत सिंह, ओंकार सिंह, मनोज रतन, राज कुमार, दविंदर सिंह, अनुपम रतन और कमलदीप सिंह आदि उपस्थित थे।











